अवैध स्क्रैप बैटरी कारोबार पर सख्त हुआ पर्यावरण मंडल, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

बैटरी अपशिष्ट के अवैध कारोबार पर मंडल की बड़ी चेतावनी
रायपुर। Chhattisgarh Environment Conservation Board छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य में अवैध रूप से स्क्रैप एवं प्रयुक्त बैटरियों के संग्रहण, भंडारण, परिवहन, रीसाइक्लिंग और व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों व संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। मंडल ने सभी स्क्रैप डीलरों, कबाड़ संचालकों, व्यापारियों और परिवहनकर्ताओं को बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
बिना पंजीयन कारोबार करने वालों पर बढ़ी निगरानी
मंडल के संज्ञान में आया है कि राज्य के कई क्षेत्रों में बिना आवश्यक पंजीयन, प्राधिकार और वैध दस्तावेजों के प्रयुक्त एवं स्क्रैप बैटरियों का अवैध संग्रहण और क्रय-विक्रय किया जा रहा है। मंडल ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा हैं।
केवल पंजीकृत संस्थाएं ही कर सकेंगी संचालन
बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2022 के अनुसार प्रयुक्त और अपशिष्ट बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन एवं व्यापार केवल विधिवत पंजीकृत और अधिकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन और सभी आवश्यक दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य रहेगा।
खुले में भंडारण और अवैध व्यापार दंडनीय अपराध
मंडल ने साफ कहा है कि खुले स्थानों पर अपशिष्ट बैटरियों का भंडारण, अनधिकृत संग्रहण या पर्यावरणीय मानकों के विपरीत संचालन दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में Environment Protection Act 1986 पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2022 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
राज्यभर में चलेगा विशेष निरीक्षण अभियान
अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राज्यभर में विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान संदिग्ध फर्मों और संस्थानों की जांच की जाएगी। गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर अभियोजन दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा सकती है।
नागरिकों से भी मांगा सहयोग
मंडल ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी स्क्रैप या अपशिष्ट बैटरियों का अवैध संग्रहण, भंडारण, परिवहन या व्यापार हो रहा हो, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय या मंडल को दें। मंडल का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए प्रशासन और नागरिकों का संयुक्त सहयोग बेहद जरूरी है।






