टेलीग्राम प्रतिबंध खत्म होने के बाद भी यूजर्स को दिक्कत, मैसेजिंग और लॉगिन में आ रही समस्या

नई दिल्ली। देशभर में मैसेजिंग ऐप Telegram पर लगाया गया अस्थायी प्रतिबंध समाप्त होने के बावजूद कई यूजर्स को अभी भी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूजर्स की शिकायत है कि उन्हें मैसेज भेजने और प्राप्त करने में परेशानी हो रही है, जबकि कुछ के लिए ऐप सामान्य रूप से काम कर रहा है।
NEET-UG गड़बड़ियों के बाद लगाया गया था अस्थायी ब्लॉक
सरकार ने NEET-UG री-एग्जाम से पहले पेपर लीक और फर्जी गतिविधियों को रोकने के लिए यह कदम उठाया था। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत 16 जून को आदेश जारी कर टेलीग्राम और उससे जुड़े URL को 22 जून तक ब्लॉक किया गया था।
साथ ही मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक सीमित रखने का भी निर्देश दिया गया था, ताकि फर्जी सबूत तैयार करने की आशंका को रोका जा सके।
22 जून के बाद आंशिक रूप से बहाल हुई सेवाएं
22 जून को प्रतिबंध की अवधि समाप्त होने के बाद कुछ यूजर्स के लिए ऐप सामान्य रूप से काम करने लगा, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अभी भी कनेक्टिविटी और मैसेजिंग समस्या की शिकायत कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सेवाओं की बहाली चरणबद्ध तरीके से हो रही है।
एक आईटी अधिकारी के अनुसार, फिलहाल प्रतिबंध बढ़ाने की कोई योजना नहीं है और आने वाले दिनों में सभी यूजर्स के लिए सेवाएं सामान्य हो सकती हैं।
18 जून को जारी हुआ अंतिम आदेश, कोर्ट ने भी दी मंजूरी
17 जून को हुई सुनवाई के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव ने 18 जून को अंतिम आदेश जारी किया था। इस आदेश में अंतरिम प्रतिबंध को औपचारिक रूप से मंजूरी दी गई थी।
बाद में इस फैसले को चुनौती दी गई, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने 19 जून को सुनवाई के दौरान सरकार के निर्णय को सही ठहराया। अदालत ने कहा कि छात्रों के हितों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक था।
पेपर लीक और फर्जी चैनल बने कार्रवाई की वजह
सरकारी जांच में सामने आया था कि टेलीग्राम पर कुछ चैनल, जैसे “Private Mafia” और “PAPER LEAKED NEET”, कथित तौर पर लाखों रुपये में फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, ये चैनल मैसेज एडिट फीचर का उपयोग कर संदेशों में बदलाव करते थे और उन्हें पेपर लीक का सबूत बताकर भ्रम फैलाते थे।
बार-बार नए नाम से सक्रिय हो रहे थे चैनल
सरकार ने बताया कि हटाए गए चैनल कुछ ही समय में नए नाम और मिरर चैनलों के जरिए फिर से सक्रिय हो जाते थे। इसी वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का निर्णय लिया गया, ताकि NEET-UG परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
NEET-UG देश की सबसे अहम प्रवेश परीक्षा
NEET-UG देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे National Testing Agency आयोजित करती है। हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं, इसलिए इसकी पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता मानी जाती है।
स्थिति सामान्य होने की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे तकनीकी प्रक्रिया पूरी होगी, सभी यूजर्स के लिए टेलीग्राम सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। फिलहाल किसी नए प्रतिबंध की कोई योजना नहीं है।







