रायगढ़ नकली शराब मामला : मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कार्रवाई पर लगी रोक

रायगढ़। थाना कोतरा रोड के चर्चित नकली शराब मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने अगले आदेश तक आरोपी के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है।
धनागर गांव में हुआ था नकली शराब नेटवर्क का खुलासा
8 जून की रात रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब बनाने के नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 869 नग विभिन्न पैमानों की 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, ढक्कन और शराब निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की थी।
दो आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
मामले में पुलिस ने शुरुआत में दुष्यंत पटेल और सुभाष पटेल को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दुष्यंत ने अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से अवैध शराब कारोबार चलाने की बात स्वीकार की थी।
फार्म हाउस से मिला था शराब भंडारण
जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपी सुभाष पटेल को उसके फार्म हाउस से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि वहां भी बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण किया जा रहा था। शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए उसमें स्प्रिट मिलाए जाने की बात भी सामने आई थी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका के बाद मिली राहत
मामले में विनय सिंह ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस नोन्गमेकपम कोटिस्वर सिंह की पीठ ने 29 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि अगले आदेश तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए।







