Chhattisgarh News : CM विष्णुदेव साय ने युवा साहित्यकार करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का किया विमोचन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण नहीं, बल्कि उसे जागरूक करने और सही दिशा दिखाने का प्रभावी माध्यम भी है।
संवेदनशील विषय पर लेखन के लिए साहस जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने करुणा सागर पण्डा को उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषय को लेखनी के माध्यम से सामने लाने के लिए साहस की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि जब रचनाकार सामाजिक समस्याओं और वास्तविकताओं को अपनी रचनाओं में स्थान देते हैं, तो साहित्य सामाजिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम बनता है।
छत्तीसगढ़ की साहित्यिक परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने देश को अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिए हैं। उन्होंने विनोद कुमार शुक्ल, मुक्तिबोध और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे रचनाकारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साहित्यकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समकालीन विषयों को समाज के सामने ला रहे हैं।
सिनेमा और साहित्य की भूमिका पर बोले CM
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साहित्य और सिनेमा ने समय-समय पर समाज से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को सामने रखा है। उन्होंने ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन विषयों को सामने रखने पर मतभेद और विरोध भी हो सकते हैं, लेकिन रचनाकार का दायित्व है कि वह अपनी दृष्टि और संवेदना के साथ विषय को समाज के सामने रखे।
हर घर में हो छोटी-सी लाइब्रेरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी पुस्तकों को अधिक से अधिक पाठकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता से नहीं, बल्कि वहां मौजूद पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति से भी दिखाई देती है। पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनाती हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकों का संग्रह जरूर रखना चाहिए।






