
रायगढ़। नशीली एवं नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रायगढ़ शहर में राज्यव्यापी विशेष सघन प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देशों के तहत अभियान के दौरान दवा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में औषधियों की गुणवत्ता, वैध क्रय-विक्रय, स्टॉक और संबंधित अभिलेखों की जांच की जा रही है।
थोक विक्रेताओं और संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर
अभियान के तहत सीएण्डएफ एजेंट, सुपर स्टॉकिस्ट, थोक औषधि विक्रेताओं सहित अन्य संदिग्ध प्रतिष्ठानों को चिन्हांकित कर उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। विभागीय टीमों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाजार में प्रतिबंधित, नशीली, नकली अथवा नियमों के विपरीत खरीदी-बिक्री की जा रही औषधियों का वितरण न हो।
छह मेडिकल स्टोर्स की जांच
अभियान के तहत 19 अगस्त को रायगढ़ शहर स्थित भोले मेडिकल स्टोर और सुमित मेडिकल स्टोर की जांच की गई। इसके बाद 20 अगस्त को गुड हेल्थ मेडिकोज, श्री ओम मेडिकोज, आदित्य केमिस्ट और रजा मेडिकल स्टोर में निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान प्रतिष्ठानों में औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेज, उपलब्ध स्टॉक और आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण किया गया। टीमों द्वारा दवाओं के स्रोत, खरीद संबंधी बिल, बिक्री अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
भंडारण और बिक्री के नियमों की भी जांच
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम यह भी जांच कर रही है कि मेडिकल स्टोर्स में औषधियों का भंडारण और विक्रय निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं। अभियान के दौरान प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अनियमितता मिलने पर नोटिस के बाद कार्रवाई
जांच में यदि किसी प्रतिष्ठान में औषधियों के क्रय-विक्रय, स्टॉक या अभिलेखों में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रथम चरण में अनियमितता मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद संचालक के जवाब और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






