Umar Sharjeel Bail Plea: उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज

2020 दिल्ली दंगा मामले की कथित बड़ी साजिश से जुड़े केस में हाईकोर्ट का फैसला, दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं तीसरी बार खारिज
नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में कथित बड़ी साजिश से जुड़े केस में उमर खालिद और शरजील इमाम को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। बुधवार को हाईकोर्ट की पीठ ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। यह मामला UAPA समेत विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में उमर खालिद और शरजील इमाम को दो परिस्थितियों में दोबारा जमानत के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई थी—संरक्षित गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद या सुप्रीम कोर्ट के आदेश की तारीख से एक वर्ष पूरा होने पर, जो भी पहले हो। हाईकोर्ट ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय शर्तों को बदल नहीं सकता।
तीसरी बार जमानत से इनकार
दोनों आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट के 4 जुलाई 2026 के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई थीं। हाईकोर्ट ने अब उनकी अपीलें भी खारिज कर दी हैं। उपलब्ध न्यायिक रिपोर्टों के अनुसार, यह हाईकोर्ट में दोनों की जमानत याचिकाओं पर तीसरी बार राहत न मिलने का मामला है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला FIR संख्या 59/2020 से जुड़ा है, जिसे फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे कथित बड़ी साजिश की जांच के दौरान दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय दंड कानून की विभिन्न धाराओं के साथ UAPA की धाराएं भी लगाई गई हैं।
उमर खालिद और शरजील इमाम की ओर से जमानत के लिए अलग-अलग आधार रखे गए थे। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के आदेश और बाद के न्यायिक घटनाक्रम को लेकर भी दलीलें दी गईं। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों को ध्यान में रखते हुए दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
अदालत का यह आदेश जमानत के चरण पर है और मामले के अंतिम ट्रायल या आरोपों के गुण-दोष पर अंतिम फैसला नहीं माना जाता। सुप्रीम कोर्ट के जनवरी 2026 के फैसले में भी जमानत के स्तर पर की गई टिप्पणियों को ट्रायल के अंतिम परिणाम से अलग रखा गया था।






