इवनिंग वॉक पर निकले प्रोफेसर का अपहरण, आंखों पर बांधी पट्टी; UPI से ट्रांसफर कराए करीब 1 लाख रुपये

पुसौर पुलिस ने रातभर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, पंडरीपानी से प्रोफेसर को सकुशल कराया मुक्त
घटना के 24 घंटे के भीतर एक आरोपी हिरासत में, तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी
रायगढ़, 7 अक्टूबर। पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला में इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर के अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने प्रोफेसर को रास्ते में पकड़कर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें मोटरसाइकिल से भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी ले जाकर बंधक बनाया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर प्रोफेसर से मोबाइल फोन, पासवर्ड और UPI से जुड़ी जानकारी हासिल की। इसके बाद Google Pay और BHIM App के जरिए एक महिला के खाते में करीब 1 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। सूचना मिलने के बाद पुसौर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर को सकुशल बरामद कर लिया।
वॉक के दौरान दो लोगों ने पकड़ा
पुलिस को दिए बयान के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच प्रोफेसर कपूरचंद गुप्ता जकेला गांव में डीपापारा और शोभा राइस मिल के पास इवनिंग वॉक कर रहे थे। थकान होने पर वे सड़क किनारे डबरी के पास एक माइलस्टोन पर बैठकर आराम कर रहे थे।
इसी दौरान दो व्यक्ति उनके पास पहुंचे और उन्हें पकड़कर डबरी की ओर ले गए। आरोप है कि दोनों ने उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी और पेट, गर्दन तथा छाती पर चाकू लगाकर जान से मारने की धमकी दी।
मोबाइल और UPI की जानकारी लेकर कराया रकम ट्रांसफर
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से पंडरीपानी ले जाने के बाद उनके साथ मारपीट की और मोबाइल का पासवर्ड, Google Pay तथा BHIM App से संबंधित जानकारी हासिल की।
इसके बाद आरोपियों ने एक महिला से फोन पर संपर्क कर उसका QR कोड मंगवाया। कथित तौर पर प्रोफेसर के खाते की उपलब्ध लिमिट तक करीब 1 लाख रुपये महिला के खाते में ट्रांसफर कराए गए।
आरोपियों ने परिजनों को भ्रमित करने के लिए प्रोफेसर से घर फोन भी करवाया और कुशल-मंगल होने की बात कहलवाई, ताकि परिवार को अपहरण की जानकारी न हो सके।
पंडरीपानी के कमरे में बनाकर रखा बंधक
रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपियों ने दोबारा प्रोफेसर की आंखों पर पट्टी बांधी और उन्हें पंडरीपानी स्थित एक कमरे में ले जाकर बंधक बनाकर रखा।
इधर, परिजनों को घटना को लेकर संदेह हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर लोकेशन का पता लगाया और पंडरीपानी पहुंच गए। परिजनों के वहां पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने तत्काल पहुंचकर कराया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रोफेसर को सकुशल रेस्क्यू कर थाने लाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रोफेसर की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को तत्काल निर्देश दिए।
24 घंटे में एक आरोपी हिरासत में
पुलिस ने रातभर आरोपियों की पतासाजी की। कार्रवाई के दौरान घटना के 24 घंटे के भीतर ग्राम जकेला निवासी सुनील सारथी को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रोफेसर के अपहरण और UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराने की योजना में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस ने मामले में अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
ट्रांसफर की गई पूरी रकम सुरक्षित कराई
पुलिस ने जिस महिला के खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई थी, उससे संपर्क कर कथित तौर पर ट्रांसफर की गई पूरी रकम को सुरक्षित करा लिया है।
मामले में पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना पुसौर में धारा 140(3), 309(6), 142 एवं 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
रेस्क्यू और कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
प्रोफेसर को सकुशल बरामद करने और मामले में त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह, उप निरीक्षक कुंदन लाल गौर, प्रधान आरक्षक बसंत पांडे, डोल नारायण साव, आरक्षक धनुर्जय चंद बेहरा, दिलीप सिदार, राहुल सिदार सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा
एसएसपी शशि मोहन सिंह के अनुसार, अपहरण जैसी गंभीर घटनाओं में पुलिस की प्राथमिकता पीड़ित को सकुशल बरामद करना और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






