छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें बिना समाधान बंद करने पर 13 अधिकारियों को नोटिस

लोक निर्माण विभाग में कार्रवाई, 15 दिन के भीतर मांगा गया जवाब; संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर हो सकती है विभागीय कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर लोक निर्माण विभाग ने सख्ती दिखाई है। शिकायतों का वास्तविक समाधान किए बिना ही उन्हें पोर्टल पर बंद करने के मामले में विभाग के 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी अधिकारियों को 15 दिन के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगस्त-सितंबर की शिकायतों की समीक्षा के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, अगस्त और सितंबर में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान शिकायतों का निराकरण किए बिना उन्हें बंद किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद विभाग ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
तीन श्रेणियों के 13 अधिकारी शामिल
जारी नोटिस के अनुसार, इसमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण और उन्हें पोर्टल पर बंद करने की प्रक्रिया के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
15 दिन में देना होगा लिखित जवाब
सभी संबंधित अधिकारियों को विभागीय सचिव के समक्ष 15 दिन के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करना होगा। अधिकारियों के स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
शिकायतों के वास्तविक समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में शिकायतों को केवल पोर्टल पर बंद करने के बजाय उनका वास्तविक निराकरण करना जरूरी है। विभाग की इस कार्रवाई से शिकायतों के निपटारे में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।






