
एक्साइज ड्यूटी कटौती को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद, रायगढ़ में गरमाई सियासत
रायगढ़ में एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा केंद्र सरकार का आभार जताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।

भूपेश बघेल के ‘चाटुकारिता’ बयान पर ओपी चौधरी का पलटवार
इस पूरे मामले पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों और ‘ओछी राजनीति’ के कारण ही जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया।
‘जनता को गुमराह करने की राजनीति’ पर कांग्रेस को घेरा
ओपी चौधरी ने भूपेश बघेल को उनके पुराने कार्यकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जनता को गुमराह करने से पहले उन्हें अपना इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय में भी कई आर्थिक फैसलों को लेकर विवाद रहा है।
कोविड काल का हवाला देकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप
वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड जैसी राष्ट्रीय आपदा के दौरान, जब आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रही थी, तब छत्तीसगढ़ सरकार पर पेट्रोल पर वैट बढ़ाकर अतिरिक्त वसूली करने के आरोप लगे थे। उन्होंने इसे “आपदा में अवसर” की राजनीति करार दिया।
मोदी सरकार के फैसले का बचाव — जनता को राहत देने का दावा
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक महंगाई और युद्ध जैसे हालात के बावजूद एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर जनता को राहत देने का काम किया है। इससे पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी पर रोक लगी है और आम जनता को राहत मिली है।
कांग्रेस पर तीखा वार — ‘राहत से भी तकलीफ’ का आरोप
ओपी चौधरी ने आगे कहा कि कांग्रेस को जनता को मिलने वाली राहत से भी परेशानी हो रही है। उन्होंने इसे राजनीति की नकारात्मक सोच बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार का उद्देश्य केवल जनता को आर्थिक राहत देना है।
राजनीतिक तापमान और बढ़ा, बयानबाज़ी जारी
इस पूरे मुद्दे ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।






