छत्तीसगढ़

भारतमाला मुआवजा घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 8 ठिकानों पर छापे

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में कुल 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस दौरान भारी मात्रा में नकदी, चांदी, डिजिटल उपकरण और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

66 लाख नकद और 37 किलो चांदी बरामद

ईडी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, तलाशी अभियान में करीब 66.9 लाख रुपये नकद और 37.13 किलोग्राम चांदी की ईंटें व अन्य चांदी की वस्तुएं बरामद हुई हैं। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

जमीन मुआवजा गड़बड़ी से जुड़ा मामला

यह कार्रवाई रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई। आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कुछ लोगों ने अवैध रूप से अतिरिक्त मुआवजा हासिल किया।

तत्कालीन एसडीओ समेत कई लोग जांच के घेरे में

ईडी ने यह जांच एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर की एफआईआर के आधार पर शुरू की है। मामले में अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

कैसे हुआ कथित घोटाला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद भी जमीन स्वामित्व हस्तांतरण किया गया। साथ ही जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अधिक मुआवजा लेने की कोशिश की गई। संशोधित खसरा रिकॉर्ड के आधार पर बढ़ा-चढ़ाकर मुआवजा स्वीकृत कराया गया।

सरकारी खजाने को नुकसान

ईडी का कहना है कि इस प्रक्रिया से सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ, जबकि आरोपियों को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचा। मामले में आगे की जांच जारी है।

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