PPT ATH : हिंडाल्को ने बेलगावी में शुरू किया भारत का पहला सुपरफाइन PPT ATH संयंत्र, 100% हरित ऊर्जा से होगा उत्पादन

बेलगावी। आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख धातु कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कर्नाटक के बेलगावी में देश का पहला सुपरफाइन PPT ATH (Precipitated Aluminium Trihydrate) विनिर्माण संयंत्र शुरू किया है। इसके साथ ही भारत में पहली बार इस उच्च मूल्य वाले विशेष एल्युमिना उत्पाद का घरेलू स्तर पर उत्पादन शुरू हो गया है।
30 हजार टन सालाना उत्पादन क्षमता
नए संयंत्र की शुरुआती उत्पादन क्षमता 30,000 टन प्रति वर्ष है। इससे हिंडाल्को के स्पेशलिटी एल्युमिना उत्पादों के पोर्टफोलियो का विस्तार होगा और वायर एवं केबल, पॉलिमर इंसुलेटर, थर्मल इंसुलेशन, कंपोजिट, पेंट तथा इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। संयंत्र की क्षमता को भविष्य में चरणबद्ध तरीके से 60,000 टन सालाना तक बढ़ाया जा सकता है।
आग से सुरक्षा में उपयोगी PPT ATH
PPT ATH एक उच्च मूल्य वाला हैलोजन-मुक्त फ्लेम रिटार्डेंट पदार्थ है। इसका इस्तेमाल हैलोजन-फ्री फ्लेम रिटार्डेंट (HFFR) केबल सहित कई महत्वपूर्ण अनुप्रयोगों में किया जाता है। यह आग के फैलाव और धुएं के निर्माण को नियंत्रित करने में मदद करता है तथा हैलोजन युक्त अम्लीय गैसों का उत्सर्जन नहीं करता। इससे विद्युत और बुनियादी ढांचा प्रणालियों को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलती है।
भारत में HFFR केबल के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा IS 17048:2018 मानक लागू किया गया है। बढ़ते बुनियादी ढांचे, इलेक्ट्रिक वाहनों और कड़े अग्नि-सुरक्षा मानकों के बीच ऐसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
मूल्यवर्धित उत्पादों पर कंपनी का फोकस
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक सतीश पई ने कहा कि बेलगावी में सुपरफाइन प्रिसिपिटेटेड हाइड्रेट संयंत्र की शुरुआत भारत में कंपनी की स्थिति को और मजबूत करेगी। इससे स्पेशलिटी एल्युमिना के उच्च मूल्य वाले उत्पादों का पोर्टफोलियो बढ़ेगा और ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुरूप उन्नत समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कंपनी के एल्युमिना कारोबार के सीईओ सौरभ खेडेकर ने कहा कि सुपरफाइन PPT ATH के जुड़ने से स्पेशलिटी एल्युमिना कारोबार को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे स्वदेशी तकनीक, वैश्विक गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादन
संयंत्र की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका टिकाऊ उत्पादन मॉडल शामिल है। बेलगावी रिफाइनरी में तैयार होने वाला PPT ATH 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित किया जाएगा। इसके लिए बायोमास, सौर और पवन ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, बेलगावी रिफाइनरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक प्रति टन एल्युमिना 0.44 tCO2e की GHG तीव्रता दर्ज की है। कंपनी का कहना है कि हरित ऊर्जा के इस्तेमाल से कम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ उच्च प्रदर्शन वाले स्पेशलिटी उत्पाद तैयार करने में मदद मिलेगी।
कंपनी के भीतर विकसित हुई तकनीक
हिंडाल्को के मुताबिक, संयंत्र को कंपनी की ‘फ्लास्क से फैक्ट्री’ (Flask-to-Factory) इनोवेशन यात्रा के तहत विकसित किया गया है। इसकी तकनीक और अनुसंधान एवं विकास क्षमता कंपनी के भीतर ही विकसित की गई है। संयंत्र में स्वचालित नियंत्रण प्रणाली और एकीकृत विनिर्माण व्यवस्था अपनाई गई है, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पाद की गुणवत्ता पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
800 किलो टन सालाना स्पेशलिटी एल्युमिना क्षमता
हिंडाल्को की स्पेशलिटी एल्युमिना उत्पादन क्षमता करीब 800 किलो टन प्रति वर्ष है। कंपनी के पोर्टफोलियो में स्पेशलिटी एल्युमिना और एल्युमिना हाइड्रेट के 120 से अधिक ग्रेड शामिल हैं। इनके उत्पाद रिफ्रैक्टरी, सिरेमिक, वायर एवं केबल, रेलवे, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, जल शोधन और बल्क केमिकल जैसे क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं।
बेलगावी में CSR के जरिए सामाजिक सरोकार
कंपनी के अनुसार, बेलगावी में उसके CSR कार्यक्रमों से सात गांवों और शहर के कुछ हिस्सों में 82,000 से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं। कंपनी 21 सरकारी स्कूलों को सहयोग दे रही है और 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
इसके अलावा 2,500 किशोरियों के सशक्तीकरण के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट सक्षम के तहत हर वर्ष 200 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संबंधी कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। टिकाऊ कृषि और जैव विविधता कार्यक्रमों से 160 हेक्टेयर क्षेत्र में 800 किसान परिवारों को लाभ मिलने का दावा कंपनी ने किया है।
भारत में आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा
भारत में सुपरफाइन PPT ATH के घरेलू उत्पादन की शुरुआत से आयात पर निर्भरता कम करने और देश में उन्नत अग्निरोधी सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। 30,000 टन सालाना क्षमता वाला यह संयंत्र वायर एवं केबल तथा अन्य सुरक्षा-केंद्रित उद्योगों की बढ़ती मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






