देश विदेश

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव चरम पर, अमेरिका का ईरान के मिसाइल ठिकानों पर बड़ा हमला

Advertisement
Advertisement
Advertisement

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हालात अब खुली टकराव की स्थिति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। दुनिया की तेल सप्लाई के लिए अहम माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी विवाद के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है।

बंकर बस्टर बमों से तबाह किए ठिकाने

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, समुद्री जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइल अड्डों पर 5,000 पाउंड के अत्याधुनिक “बंकर बस्टर” बमों से हमला किया गया। ये बम जमीन या कंक्रीट की गहराई में छिपे ठिकानों को भी नष्ट करने में सक्षम होते हैं।

बताया जा रहा है कि ये वही ठिकाने थे, जहां से एंटी-शिप मिसाइलें दागी जा रही थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात प्रभावित हो रहा था।

तेल आपूर्ति पर पड़ा असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। इस मार्ग के बाधित होने से वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सहयोगियों से निराश अमेरिका

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई के बीच नाटो देशों से समर्थन मांगा था, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अमेरिका ने वर्षों तक सहयोगियों की मदद की, लेकिन इस संकट में साथ नहीं मिला।

इजरायल की भूमिका पर भी चर्चा

इस पूरे घटनाक्रम में बेंजामिन नेतन्याहू की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि इजरायल लंबे समय से ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए अमेरिका पर दबाव बना रहा था। हालांकि, अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा चिंताओं के आधार पर लिया गया।

ईरान का रुख बरकरार

वहीं ईरान ने दोहराया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है।

दुनिया की नजरें हालात पर

फिलहाल वैश्विक समुदाय की नजरें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी हैं। अमेरिका के इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। अब देखना होगा कि ईरान इस कार्रवाई का क्या जवाब देता है और हालात किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button