
Raipur Cyber Fraud News: रायपुर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां मोबाइल फॉर्मेट कराने के बाद एक जेल प्रहरी के बैंक खाते से करीब 95 हजार रुपये गायब हो गए। पीड़ित ने तकनीकी परेशानी के चलते YONO, Paytm और PhonePe एप हटाकर मोबाइल को फॉर्मेट कराया था। दो दिन बाद एप दोबारा डाउनलोड करने पर खाते से रकम निकाले जाने का पता चला। मामला गंज थाना क्षेत्र का है।
मोबाइल में एप काम नहीं करने पर कराया था फॉर्मेट
Raipur Cyber Fraud News के अनुसार, जेल प्रहरी के मोबाइल में YONO, Paytm और PhonePe जैसे बैंकिंग और पेमेंट एप ठीक से काम नहीं कर रहे थे। तकनीकी समस्या दूर करने के लिए उन्होंने मोबाइल को फॉर्मेट करा दिया। इसके बाद करीब दो दिन बाद संबंधित एप को फिर से मोबाइल में डाउनलोड किया गया।
एप दोबारा इंस्टॉल करने के बाद जब बैंक खाते की जानकारी देखी गई तो उसमें से करीब 95 हजार रुपये पहले ही निकाले जा चुके थे। खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई रकम
शिकायत के बाद हुई प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगी की रकम एक Unity Small Finance Bank के खाते में ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद मामले की जानकारी गंज थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन और जिस खाते में रकम पहुंची है, उसकी जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
Cyber Crime की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल गंज थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पीड़ित के बैंक खाते से रकम किस तरीके से निकाली गई और ट्रांजेक्शन के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
Cyber Crime से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। मोबाइल फॉर्मेट करने, बैंकिंग एप दोबारा इंस्टॉल करने या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद बैंक खाते और UPI ट्रांजेक्शन की निगरानी करना जरूरी है।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
साइबर ठगी की स्थिति में देरी किए बिना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है। समय रहते शिकायत मिलने पर संबंधित ट्रांजेक्शन को रोकने और रकम की रिकवरी के प्रयास किए जा सकते हैं।
रायपुर के इस मामले में भी पीड़ित ने रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही 1930 पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।






