छत्तीसगढ़

मोहड़ गोलीकांड : रेत माफिया का आतंक, ग्रामीणों पर फायरिंग और हमले के विरोध में उबाल, टीआई व विद्यार्थी परिषद नेता पर कार्रवाई की मांग

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राजनांदगांव। शहर से सटे वार्ड 49 मोहड़ में रेत तस्करों की दबंगई और हिंसा के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रेत माफिया द्वारा ग्रामीणों पर की गई फायरिंग और मारपीट की घटना के विरोध में सैकड़ों ग्रामीणों ने रैली निकालते हुए आईजी अभिषेक शांडिल्य और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

रेत माफिया ने की फायरिंग, ग्रामीणों में भय का माहौल

11 जून को मोहड़ क्षेत्र में शिवनाथ नदी किनारे चल रही अवैध रेत निकासी के विरोध में आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर रेत तस्करों ने न सिर्फ हमला किया बल्कि फायरिंग कर दहशत फैलाई। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सबकुछ पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है।

टीआई पर संलिप्तता का आरोप, बर्खास्तगी की मांग

ग्रामीणों ने सोमनी थाना प्रभारी सत्यनारायण देवांगन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि टीआई की पूरी तरह से मामले में संलिप्तता रही है। उन्हें तत्काल निलंबित कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

ABVP नेता पर मास्टरमाइंड होने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला प्रभारी संजय सिंह को रेत तस्करी गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया। ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने संजय सिंह की गिरफ्तारी की जोरदार मांग की। कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी निखिल द्विवेदी ने एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर कहा कि संजय की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।

चार आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अभी फरार

अब तक पुलिस ने जेसीबी चालक भगवती निषाद, वार्ड पार्षद संजय रजक, जेसीबी व हाइवा मालिक अभिनव तिवारी उर्फ चीनू महाराज और शूटर अतुल तोमर को गिरफ्तार किया है। वहीं दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। बताया गया कि शूटर अतुल पिछले दो महीनों से राजनांदगांव में रह रहा था, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। उसे किराए पर मकान कैसे मिला, इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

खनिज अधिकारी निलंबित, कार्रवाई के संकेत

खनिज संपदा की लूट को रोक पाने में विफल रहने पर राज्य शासन ने जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं आईजी अभिषेक शांडिल्य ने कहा है कि मोहड़ गोलीकांड की जांच जारी है और पुलिस की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच की जा रही है।

श्मशान में हो रही थी रेत निकासी, गांव में मुनादी कर हुआ प्रदर्शन

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि रेत की निकासी जिस स्थान से हो रही थी, वह गांव का श्मशान है जिसे संरक्षित रखा गया है। रविवार को गांव में बैठक कर तय किया गया कि सोमवार को हर घर से एक व्यक्ति प्रदर्शन में भाग लेगा। नतीजतन करीब 200 से ज्यादा ग्रामीण प्रशासन के सामने पहुंचे।

गांव में अवैध गतिविधियों का अड्डा, महिलाएं भी आईं आगे

महिलाओं ने भी खुलकर सामने आकर कहा कि गांव में अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा और असामाजिक गतिविधियों का बोलबाला है। इन कार्यों से बच्चों का भविष्य बिगड़ रहा है और गांव का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है।

आईजी अभिषेक शांडिल्य ने कहा:
“मोहड़ गोलीकांड मामले की जांच जारी है। चार आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की संलिप्तता की भी जांच अलग से की जा रही है।”

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