रेलवे में जनविश्वास अधिनियम लागू : ट्रेन में भीख मांगने और महिला कोच में अनधिकृत सफर पर लगेगा भारी जुर्माना

रायपुर। भारतीय रेलवे ने यात्रा के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। अब यात्रियों को नियम तोड़ने पर पहले की तुलना में 500 से हजार रुपये तक अधिक जुर्माना चुकाना होगा। रेलवे ने अब छोटी-छोटी गलतियों पर केस दर्ज करने के बजाय सीधे भारी जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों में संशोधन के साथ राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत जनविश्वास अधिनियम 2026 को शनिवार, 20 जून से लागू कर दिया गया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। रेलवे बोर्ड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) शिवेंद्र शुक्ला ने सभी प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों को पत्र भेजकर नए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मौके पर जुर्माना न देने की स्थिति में मामला कोर्ट जाएगा, जहां भारी जुर्माने के साथ कारावास की सजा का भी सख्त प्रावधान किया गया है।
नए अधिनियम के तहत रेलवे का मुख्य फोकस
जनविश्वास अधिनियम के लागू होने के बाद रेलवे का सबसे मुख्य फोकस महिलाओं की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन परिसर को अतिक्रमण और हर तरह की अव्यवस्था से मुक्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बिना टिकट यात्रा और भीख मांगने पर कड़ा एक्शन
रेलवे ने सभी गलतियों पर जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। बता दें कि बिना टिकट या अनधिकृत टिकट पर यात्रा (धारा 137) को पहले आपराधिक कृत्य माना जाता था। अब यात्री से किराया वसूला जाएगा और उसके बराबर अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये वसूला जाएगा, जो पहले 250 रुपये था। इसके अलावा दूसरे के टिकट पर यात्रा (धारा 142) करने पर टिकट जब्त होगा। टिकट के किराये के बराबर अतिरिक्त शुल्क और न्यूनतम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। बिना लाइसेंस सामान बेचना, फेरी लगाना या भीख मांगना (धारा 144) पर दो हजार रुपये जुर्माना लगेगा। भुगतान न करने पर अदालत में पेशी और 5,000 रुपये तक जुर्माना या 3 माह तक की सजा हो सकती है। बार-बार अपराध करने पर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
महिला कोच में प्रवेश और धूम्रपान पर तगड़ी पेनाल्टी
ट्रेन में नशे की हालत में उपद्रव या अभद्र व्यवहार करने (धारा 145) पर अब एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही टिकट जब्त कर यात्री को ट्रेन से नीचे उतारा जा सकता है। रेलवे परिसर में अनाधिकृत प्रवेश (धारा 147) पर 500 रुपये की पेनाल्टी तय की गई है। वहीं, महिला आरक्षित डिब्बे में किसी पुरुष के प्रवेश (धारा 162) पर 2500 रुपये का भारी जुर्माना देना होगा और उसे तुरंत वहां से हटाकर कार्रवाई की जाएगी। ट्रेन में खतरनाक या प्रतिबंधित सामान ले जाने (धारा 165) पर सीधा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और रेलवे को कोई नुकसान होने पर उसकी भरपाई भी यात्री को करनी होगी। इसके अलावा, ट्रेन या रेलवे परिसर में धूम्रपान करने (धारा 167) पर पहले लगने वाले 100 रुपये के जुर्माने को बढ़ाकर अब दो हजार रुपये कर दिया गया है।







