रायगढ़ की सड़कें बनी सिरदर्द, करोड़ों खर्च फिर भी बदहाल

रायगढ़ शहर की सड़कों को संवारने के नाम पर नगर पालिक निगम ने करोड़ों रुपये खर्च कर डाले, लेकिन नतीजा उम्मीदों के विपरीत निकला। जिन सड़कों पर डामरीकरण और मरम्मत का दावा किया गया था, वे कुछ ही महीनों में पुराने हाल में लौट आईं। शहर की 27 सड़कों पर भारी भरकम बजट से निर्माण कार्य जारी है, मगर बारिश शुरू होते ही डामर की परतें उखड़ने लगी हैं।
शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब करोड़ों रुपये खर्च किए गए तो फिर काम की गुणवत्ता पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप
स्थानीय लोगों और विपक्ष ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया का कहना है कि जिन जगहों पर सड़क सुधार की सख्त जरूरत थी, वहां लापरवाही बरती गई, जबकि कम प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पैसा बहाया गया।
लोगों का कहना है कि यह पूरा काम वित्त मंत्री और स्थानीय प्रशासन की देखरेख में हुआ, ऐसे में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि निगरानी में कमी रही तो यह गंभीर लापरवाही है, और अगर सब कुछ जानकारी के बावजूद हुआ है, तो यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार का मामला है।












