किसानों की मांगों को लेकर भाकियू-टिकैत का प्रदर्शन, बिजली और मक्का खरीदी को लेकर जताया आक्रोश

रामपुर (बिलासपुर) |
रामपुर जिले के बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर किसानों की समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। संगठन के जिला प्रवक्ता सरदार मंजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में किसानों ने तहसीलदार शिवकुमार शर्मा को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
बिजली आपूर्ति में सुधार की माँग
प्रवक्ता अटवाल ने बताया कि वर्तमान समय में धान की रोपाई का कार्य जोरों पर है, लेकिन क्षेत्र में बिजली की लगातार अनियमितता से किसान बेहद परेशान हैं। यूनियन ने सरकार से मांग की कि किसानों को प्रति दिन कम से कम 10–12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, अटवाल ने बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर प्रणाली का भी विरोध किया। उनका कहना था कि इन कदमों से किसानों पर बिजली दरों का भारी बोझ पड़ेगा और उत्पादन लागत में वृद्धि होगी।
मक्का खरीदी में अनियमितता
प्रदर्शन के दौरान मक्का खरीदी से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी गहरी चिंता जताई गई। संगठन ने बताया कि प्रशासन द्वारा साठा धान की रोपाई पर रोक लगाने के कारण किसानों ने मक्का की बुवाई की, लेकिन अब मंडी में खरीदी लक्ष्य मात्र 350 क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि कई किसानों के पास 300 से 500 क्विंटल तक मक्का भंडारित है।
वर्तमान में पंजीकरण की प्रक्रिया बंद होने के कारण किसान मजबूरन अपनी उपज को खुले बाजार में मात्र 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर बेच रहे हैं, जबकि समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल है। यूनियन ने इसे किसानों के साथ दिनदहाड़े की लूट बताया।
अधर में लटकी ‘हर घर जल’ योजना
संगठन ने केंद्र सरकार की ‘हर घर जल’ योजना की धीमी प्रगति पर भी सवाल उठाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल टंकियों का निर्माण तो हुआ है, लेकिन आज तक जल आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। उन्होंने इस कार्य को जल्द पूरा करने की मांग रखी।
आंदोलन की चेतावनी
किसान यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख किसान
इस मौके पर पिथपाल सिंह, सुखविंदर सिंह, बलजीत बाजवा, बलविंदर सिंह, पलविंदर सिंह, जोगिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह, दलीप सिंह, हरपाल सिंह, गुरप्रीत अटवाल, बुपराम सिंह राठौर, कमरूद्दीन, अवतार सिंह, चरण सिंह बजवा, हाजी नंथू, अतीक अहमद और नृपजीत सिंह सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।












