छत्तीसगढ़

त्योहारी सीजन में भारतीय सामान की नही होगी कमी,कैट ने लिया चीन को नुकसान पहुँचाने लिया बड़ा फैसला।

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सिंहघोष/रायपुर,8 जुलाई 2020। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोशी, कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि कोरोना और चीन से चल रहे विवाद के बीच देश भर में अगले महीने अगस्त से लेकर नवम्बर तक त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है । वर्तमान परिस्थितियों के बीच इस बार त्योहारों पर बाजारों में शायद वो गहमगहमी न दिखाई दे जो हर वर्ष दिखाई देती है किन्तु यह जरूर है की इस बार के सभी त्यौहार उमंग और उल्लास किन्तु सादगी के साथ मनाये जाएंगे जिसमें भारतीय संस्कृति, त्योहारों की पवित्रता एवं भारतीय सामान का ही उपयोग होगा जिसकी विशेष बात यह होगी की हर त्यौहार पूर्ण रूप से भारतीय त्यौहार होगा जिसमें चीनी सामान पूरी तरह से नदारद होंगे ।

देश के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) जो इस समय देश भर में चीनी सामान के बहिष्कार के राष्ट्रीय अभियान की अगुवाई कर रहा है ने दिल्ली सहित देश के सभी व्यापारी संगठनों को सन्देश दिया है की 3 अगस्त से शुरू हो रहे राखी के त्यौहार से लेकर 25 नवम्बर तुलसी विवाह तक सभी त्योहारों में काम आने वाले सभी भारतीय सामानों को देश भर में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध कराया जाए जिससे किसी भी व्यक्ति को भारतीय सामान खरीदने में कोई समस्या न आये । इस तीन महीने के त्योहारी सीजन में राखी, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव, नवरात्रि, दुर्गा पूजा, धनतेरस, दिवाली, भैया दूज, छठ एवं तुलसी विवाह आदि त्यौहार आएंगे और हर त्यौहार पर भारतीय सामान आसानी से प्राप्त हो, इस सम्बन्ध में कैट ने एक बहुत ही व्यापक योजना बनाई है । इस त्योहारी सीजन में आने वाले सभी त्योहारों पर उपयोग में आने वाली सभी वस्तुओं की एक सूची कैट तैयार कर रहा है जो 11 जुलाई तक पूरी हो जायेगी ।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने आज यहाँ यह जानकारी देते हुए बताया की कैट ने देश के सभी प्रदेशों में काम कर रहे कैट की राज्य स्तरीय टीम तथा अन्य प्रमुख व्यापारी संगठनों को यह सलाह दी है की वो इन त्यौहारों से सम्बंधित भारतीय सामान बनाने वाले निर्माता, कारीगर, लघु उद्योग, कुम्हार, महिला उद्यमी, स्वयं उद्यमी, स्टार्टअप आदि से संपर्क कर उनके राज्य में कितनी मात्रा में यह सामान बनता है, इसका डाटा इकठ्ठा करें वहीँ दूसरी ओर उनके राज्य में उन सामानों की कितनी खपत होती है उसका भी डाटा एकत्र करें । इसके लिए कैट ने अंतिम तारीख 15 जुलाई तय की है ।
श्री पारवानी ने बताया की यह डाटा कैट के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में आएगा जिसमें दोनों डाटा के आधार पर किस राज्य में कितना सामान बन रहा है और उस राज्य में उनकी खपत को छोड़कर बाकी बचा सामान किस राज्य में भेजा जाए जहाँ उसकी जरूरत है का एक बृहद डाटा तैयार होगा जिसके अनुरूप कैट देश भर में मांग और आपूर्ति के बीच एक तालमेल बैठा सम्बंधित व्यापारियों के लिए यह सुनिश्चित करेगा की देश में कहीं भी भारतीय सामान का अभाव न हो। उन्होंने यह भी बताया की इस माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने में ट्रांसपोर्टेशन का सारा काम देश के ट्रांसपोर्टर्स के शीर्ष संगठन आल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन बेहद किफायती दरों पर करेगा ।

श्री पारवानी ने बताया की इस भारतीय त्यौहारी अभियान में कैट से सम्बंधित सभी राज्यों में महिला टीम की विशेष भूमिका होगी और कैट देश के सभी राज्यों में कार्यरत महिला संगठनों को प्रेरित करेगा की त्यौहार से सम्बंधित सामान महिलाओं के द्वारा ज्यादा से ज्यादा बनाया जाए जिसमें कैट की कोशिश है की खास तौर पर राखी एवं राखी धागा देश भर में महिलाओं के द्वारा ही तैयार किया जाए वही त्यौहारों पर मिठाई के लेने देने के चलन पर भी कैट महिलाओं से आग्रह कर रहा है की वो मिठाई-नमकीन भी अपने घर में तैयार करें जिसकी बिक्री की व्यवस्था कैट करेगा । कोरोना के चलते देश भर में कोई भी अब बाजार से मिठाई – नमकीन आदि खाने से बड़ा परहेज कर रहा है इसलिए घर में बनी मिठाई का इस वर्ष बहुत बड़ा बाजार है । उन्होंने बताया की कोरोना के लॉक डाउन के समय से घर में मिठाई बनाकर बिक्री कर देने का घरेलू व्यापार पहले ही देश भर में शुरू हो चुका है । पहले समय में त्योहारों पर घर में बने मिठाई-नमकीन के लेने देने का चलन था और कैट को उम्मीद है की वो चलन अब वापिस लौट रहा है ।
पिछले वर्ष इस सीजन में चीन से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का सामान आयात हुआ था जिसकी चपत इस बार चीन को लगना तय है।

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