
ऑपरेशन आघात के तहत चल रही सख्त कार्रवाई में पुलिस को मिली अहम कामयाबी
रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमाघाट में सामने आए अवैध अफीम खेती के मामले में रायगढ़ पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में फरार आरोपियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस टीम ने झारखंड में दबिश देकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
इंटरस्टेट सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में तलाश कर आरोपी को दबोचा गया
साइबर सेल और तमनार पुलिस की संयुक्त टीम ने झारखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से की गई इस कार्रवाई में जंगल में छिपे आरोपी एमानुएल भेंगरा को पकड़ लिया गया। आरोपी को रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
बड़े पैमाने पर अफीम खेती का खुलासा, करोड़ों की जब्ती पहले ही हो चुकी है
मामले में पहले की कार्रवाई के दौरान कुल 60,326 अफीम पौधे (लगभग 2877 किलोग्राम) और 3.02 किलोग्राम तैयार अफीम जब्त की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत दो करोड़ पांच लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। मुख्य आरोपी मार्शल संगा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी, एक आरोपी अब भी फरार
पुलिस जांच में सामने आया कि इस अवैध खेती में अन्य सहयोगी भी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी ने अपने साथियों एमानुएल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के साथ मिलकर इस गतिविधि को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। फिलहाल सीप्रियन भेंगरा फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
संयुक्त टीम की भूमिका अहम, विभिन्न इकाइयों के समन्वय से मिली सफलता
इस कार्रवाई में तमनार थाना, साइबर सेल और अन्य इकाइयों की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में अंतरराज्यीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर यह गिरफ्तारी संभव हो सकी, जिससे मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिली है।
पुलिस का सख्त संदेश, मादक पदार्थों के नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन आघात के तहत मादक पदार्थों की अवैध खेती और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।






