ईरान की बड़ी चेतावनी: अब टेक कंपनियां भी निशाने पर, अमेजन क्लाउड पर हमले के बाद बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने बड़ा ऐलान करते हुए क्षेत्र में संचालित सभी आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी Amazon की क्लाउड सेवा पर हमले की रिपोर्ट सामने आने के एक दिन बाद आई है।
ईरान का सीधा अल्टीमेटम
ईरान के खातम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अगर United States ईरान के पावर प्लांट्स पर हमला करता है, तो जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र के सभी ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी कंपनियों को “पूरी तरह तबाह” कर दिया जाएगा।
Google और AI प्रोजेक्ट पर आरोप
वीडियो संदेश में Google पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया। साथ ही यूएई में स्थित एक बड़े एआई प्रोजेक्ट की लोकेशन भी दिखाई गई, जिसमें NVIDIA, OpenAI, Microsoft और Goldman Sachs जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की तस्वीरें शामिल थीं।
अमेजन क्लाउड पर हमले से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bahrain में Amazon Web Services की सुविधा पर हमले से नुकसान हुआ। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हमले के बाद लगी आग को बुझाने के लिए सिविल डिफेंस टीमों को तैनात करना पड़ा।
AWS ने हाल ही में भी संघर्ष के कारण अपने क्लाउड ऑपरेशंस में व्यवधान की पुष्टि की थी।
IRGC की पुरानी चेतावनियां भी दोहराईं
Islamic Revolutionary Guard Corps पहले ही मध्य पूर्व में सक्रिय अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है।
इनमें Apple, Meta, Microsoft और Google जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
जासूसी और युद्ध में सहयोग के आरोप
IRGC ने इन कंपनियों पर अमेरिकी सरकार के लिए जासूसी करने और सैन्य अभियानों में सहयोग देने का आरोप लगाया है।
ईरान का दावा है कि एआई और डेटा ट्रैकिंग के जरिए ये कंपनियां “टारगेट डिजाइन” करने में मदद करती हैं, इसलिए अब इन्हें वैध लक्ष्य माना जाएगा।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना नया युद्ध मोर्चा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब पारंपरिक युद्ध से आगे बढ़कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच चुका है।
अगर टेक कंपनियों और क्लाउड सेवाओं पर हमले बढ़ते हैं, तो इसका असर बैंकिंग, पेमेंट सिस्टम और वैश्विक इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है।






