रायगढ़ में 32 लाख का फर्जी वाउचर घोटाला: ट्रांसपोर्ट कंपनी के कर्मचारियों ने ऐसे लगाया चूना, कई नाम आए सामने

ढिमरापुर की ट्रांसपोर्ट कंपनी में बड़ा फर्जीवाड़ा, कर्मचारियों पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप
रायगढ़ जिले में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में फर्जी बिल-वाउचर के जरिए 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है।
ढिमरापुर निवासी कमल किशोर शाह (50) ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए अपने ही कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक ही नंबर के कई वाउचर बनाकर निकाला पैसा, जांच में खुला पूरा खेल
शिकायत के मुताबिक, कमल किशोर शाह अपने साथी गजपति चौधरी के साथ ‘श्री राम ट्रांसपोर्ट’ का संचालन करते हैं।
कंपनी में कार्यरत प्रकाश मिश्रा और दीपक शर्मा वाहनों के बिल-वाउचर तैयार कर भुगतान के लिए प्रस्तुत करते थे।
जांच में सामने आया कि एक ही नंबर के कई फर्जी वाउचर बनाकर अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर भुगतान लिया गया, जिससे कंपनी को लाखों का नुकसान हुआ।
पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर खुलासा, सितंबर 2025 से चल रहा था घोटाला
कंपनी संचालक को संदेह होने पर जब पुराने दस्तावेजों की जांच की गई, तो सितंबर 2025 से लगातार फर्जीवाड़ा चलने का खुलासा हुआ।
इतना ही नहीं, कई ऐसे लोगों के नाम पर भी वाउचर बनाए गए, जिनका ट्रांसपोर्ट कार्य से कोई लेना-देना नहीं था।
कई खातों में फर्जी भुगतान, जांच के घेरे में 8 से ज्यादा लोग
जांच में संदीप बंसल, जासमिन बंजारा, नेहा चौहान, सूर्यकांत अग्रवाल, कमल बसोड़ और प्रियंका गुप्ता के नाम सामने आए हैं।
आरोप है कि इन लोगों के खातों में भी फर्जी तरीके से भुगतान ट्रांसफर किया गया।
कोतवाली थाने में FIR दर्ज, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने प्रकाश मिश्रा, दीपक शर्मा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे फर्जी वाउचर नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।






