रायपुर में ट्रैफिक चालान का बड़ा खेल! आम जनता से 3.19 करोड़ वसूले, सरकारी गाड़ियों पर ‘जीरो कार्रवाई’ से उठे सवाल

तीन महीनों में 5.64 करोड़ का जुर्माना वसूला, सरकारी वाहनों को कथित छूट पर बहस तेज
रायपुर। राजधानी रायपुर में ट्रैफिक नियमों के पालन के नाम पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जहां एक ओर ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से करोड़ों रुपये का चालान वसूल किया है, वहीं सरकारी वाहनों पर किसी भी तरह की चालानी कार्रवाई न होने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
3 महीने में करोड़ों का चालान, आम जनता पर सख्ती
आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में ही ट्रैफिक पुलिस ने कुल 1,12,271 मामलों में कार्रवाई करते हुए करीब 3.19 करोड़ रुपये का चालान वसूला है। वहीं जनवरी से मार्च 2026 के बीच कुल 2,04,601 चालान जारी किए गए।
इनमें से 23,577 लोगों ने चालान राशि जमा भी की है। कुल मिलाकर तीन महीनों में करीब 5.64 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुना है।
पिछले साल की तुलना में साढ़े छह गुना बढ़े चालान
पिछले वर्ष इसी अवधि में 30,443 चालान जारी किए गए थे, जबकि इस साल यह संख्या 6 गुना से अधिक बढ़कर 2 लाख के पार पहुंच गई है। यानी चालानी कार्रवाई में करीब 672% की वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकारी गाड़ियों पर कार्रवाई नहीं, उठे सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन तीन महीनों में किसी भी सरकारी वाहन का चालान नहीं काटा गया है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी वाहनों को चालानी कार्रवाई में छूट है, जबकि परिवहन विभाग का कहना है कि ऐसे किसी छूट का कोई नियम नहीं है।
इस विरोधाभास ने सिस्टम की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है।
नियम सभी के लिए समान या अलग-अलग?
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं, चाहे वाहन निजी हो या सरकारी। ऐसे में सरकारी वाहनों पर कार्रवाई न होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
पारदर्शिता पर सवाल, सिस्टम की जांच की मांग
लगातार बढ़ते चालान और सरकारी वाहनों को कथित छूट ने ट्रैफिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करता है या नहीं।






