कोरबा में एसईसीएल की कुसमुंडा साइडिंग में बड़ा हादसा टल गया। कोयला लोड हो रही मालगाड़ी का इंजन लोडिंग के दौरान बेपटरी हो गया। इंजन के छह पहिये पटरी से उतरकर नीचे आ गए। समय रहते चालक और मौजूद कर्मचारियों की नजर पड़ने से बड़ी दुर्घटना होने से बच गई।
सूत्रों के मुताबिक कुसमुंडा कोयला साइडिंग में मालगाड़ी में कोयला लोडिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान इंजन के पहिये अचानक पटरी से उतर गए। बताया जा रहा है कि साइडिंग में लोडिंग के दौरान पटरी पर कोयला अधिक मात्रा में गिरा हुआ था। कोयले की परत पर चढ़ने से इंजन का संतुलन बिगड़ा और छह पहिये पटरी छोड़कर नीचे उतर गए।
घटना के तुरंत बाद मालगाड़ी के चालक और साइडिंग में मौजूद कर्मचारियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही रेलवे और एसईसीएल के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हालात का जायजा लेकर रेस्क्यू कार्य शुरू किया गया। रेलवे की एटीआर टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद इंजन के पहियों को वापस पटरी पर लाया गया। इस दौरान क्रेन और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए उस ट्रैक पर कोयला परिवहन बाधित रहा। लोडिंग का काम भी काफी देर तक प्रभावित हुआ। हालांकि रेलवे अधिकारियों के अनुसार मेन लाइन पर किसी तरह का असर नहीं पड़ा। अन्य रूट से कोयला परिवहन जारी रहा। कोरबा रेलवे एआरएम उत्कर्ष गौरव ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एटीआर टीम ने काम शुरू कर दिया था। थोड़े समय में ही इंजन को पटरी पर ला दिया गया। रेलवे के परिवहन पर कोई असर नहीं पड़ा है। साइडिंग में गिरे कोयले की वजह से अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं। संबंधित एजेंसी को ट्रैक की सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसईसीएल प्रबंधन ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। प्रारंभिक जांच में पटरी पर जमा कोयला मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए साइडिंग में नियमित सफाई कराई जाएगी।