कॉलेज एडमिशन को लेकर छात्रों की बढ़ी परेशानी, शैक्षणिक कैलेंडर जारी नहीं होने से लग रहे कॉलेजों के चक्कर

एडमिशन के बारे में पता करने के लिए विद्यार्थी लगातार कॉलेजों के चककर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें शैक्षणिक कैलेंडर जारी नहीं होने की बात कही जा रही है।
रायपुर। दाखिले के समय छात्रों का इंतजार करने वाले महाविद्यालय इस बार उन्हें लौटा रहे हैं। वजह है कि अब तक उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश तिथियों की घोषणा नहीं की गई है। अब प्रवेश केंद्रीकृत होते हैं, इसलिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा तय तिथियों में ही विश्वविद्यालय आवेदन पोर्टल खोलते हैं। महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए भी विवि के पोर्टल में जाकर ही आवेदन करना होता है।
तारीख नहीं बता पा रहे कॉलेज
चूंकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अब तक तिथियों की घोषणा नहीं की गई है, इसलिए महाविद्यालय छात्रों को कोई निश्चित तिथि नहीं बता पा रहे हैं। इसके स्थान पर वे छात्रों को वापस लौटा रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल 29 अप्रैल को दसवीं के साथ-साथ बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों की भी घोषणा कर चुका है। इसके अलावा सीबीएसई ने भी 12वीं कक्षा के परिणाम 13 मई को घोषित कर दिए थे। इसमें उत्तीर्ण छात्र अब महाविद्यालयों में दाखिले के लिए इंतजार कर रहे हैं।
मई में ही शुरू हो जाती थी आवेदन बिक्री
गौरतलब है कि केंद्रीकृत आवेदन की व्यवस्था होने के पूर्व तक महाविद्यालय अपने स्तर पर दाखिले आरंभकर देते थे। अधिकतर महाविद्यालय मई में ही आवेदन पत्रों की बिक्री प्रारंभ कर देते थे अथवा तिथि निर्धारित कर देते थे, ताकि छात्रों को अधिक परेशानी ना हो। छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई केंद्रीकृत व्यवस्था में लेट-लतीफी अब पहले की तुलना में अधिक व्यवधान उत्पन्न कर रही है।
विवि प्रबंधन ने कहा-आगे प्रेषित करेंगे खत
शासकीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध निजी महाविद्यालयों का कहना है कि छात्रों का रुझान अब प्राइवेट यूनिवर्सिटी की ओर बढ़ा है। प्रवेश में विलंब होने के कारण छात्र मिलने में परेशानी होती है। अपनी समस्याओं को लेकर राजधानी के निजी महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने पं. रविशंकर शुक्ल विवि प्रबंधन से मुलाकात की थी।
शैक्षणिक कैलेंडर जारी होने का इंतजार
इस पर रविवि प्रबंधन ने खत आगे प्रेषित करने की बात कही है। विवि का कहना है कि शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने का निर्णय शासन स्तर का है। ऐसे में उनके द्वारा इस विषय में कोई निर्णय नहीं लिए जा सकते और ना ही कोई व्यवस्था की जा सकती है। ना केवल रविवि बल्कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के समक्ष भी इसी तरह की स्थिति निर्मित हो गई है।
नहीं बता सकते : मुखर्जी
निजी महाविद्यालय संघ के सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने बताया कि, कैलेंडर जारी नहीं किया गया है। हम छात्रों को कोई अनुमानित तिथि बताकर गुमराह नहीं करना चाहते, इसलिए उन्हें वस्तुस्थिति समझाते हुए लौटा रहे हैं।






