रायगढ़

केलो डैम के 6 गेट खुले, चक्रपथ डूबने से कई मार्गों पर लगा जाम; राहगीरों और स्कूली बच्चों को हुई परेशानी

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रायगढ़। जिले के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते केलो डैम में पानी की आवक बढ़ गई है। जलभराव की स्थिति को देखते हुए मंगलवार सुबह करीब 7 बजे डैम के 6 गेट खोल दिए गए। गेट खुलने के बाद केलो नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे चक्रपथ पानी में डूब गया और कलेक्टोरेट की ओर जाने वाला मार्ग बंद हो गया। इसके चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सुबह से दोपहर तक यातायात का दबाव बढ़ा रहा और जाम की स्थिति बनी रही। इससे आम राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

डैम में 231.8 मीटर पानी, लगातार बढ़ रही आवक

सोमवार रात हुई तेज बारिश के बाद केलो डैम में लगातार पानी की आवक बढ़ती रही। इसके चलते मंगलवार सुबह छह गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। वर्तमान में डैम में 231.8 मीटर पानी दर्ज किया गया है, जबकि इसका अधिकतम जलभराव स्तर 233 मीटर है।

गेट खुलने के बाद केलो नदी में पानी का बहाव बढ़ गया, जिसके कारण कलेक्टोरेट की ओर जाने वाला चक्रपथ जलमग्न हो गया। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने चक्रपथ के दोनों ओर बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी।

चक्रपथ बंद होने से कई मार्गों पर बढ़ा यातायात दबाव

चक्रपथ के बंद होने का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। चक्रधरनगर रोड, नया शनिमंदिर रोड और पंजरी प्लांट से जेल कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

चक्रपथ से होकर कलेक्टोरेट, डिग्री कॉलेज और मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओर जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक प्रमुख मार्ग बंद होने के कारण शहीद चौक, नया शनि मंदिर रोड, मरीन ड्राइव, जूटमिल रोड, चक्रधरनगर रेलवे फाटक और चक्रधरनगर चौक सहित आसपास की सड़कों पर भी यातायात प्रभावित रहा।

पहले बढ़ाई गई थी चक्रपथ की ऊंचाई

बताया जा रहा है कि चक्रपथ में पहले भी जलभराव की समस्या सामने आती रही है। इसे देखते हुए पूर्व में चक्रपथ की ऊंचाई बढ़ाई गई थी, लेकिन मंगलवार को केलो डैम के छह गेट अचानक खोलने और नदी में पानी का बहाव बढ़ने के कारण मार्ग फिर जलमग्न हो गया।

इससे सुबह से ही शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लगा।

नदी और निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील

केलो नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार केलो जलाशय में लगातार अधिक मात्रा में पानी की आवक हो रही है, जिसके कारण जलाशय से पानी छोड़ा जा रहा है।

इससे केलो नदी के जलस्तर में करीब 3 फीट तक वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। नागरिकों से नदी किनारे, जलभराव वाले क्षेत्रों और संभावित बाढ़ प्रभावित स्थानों पर जाने से बचने कहा गया है।

स्थिति नियंत्रण में, डैम की लगातार मॉनिटरिंग

केलो परियोजना के ईई एमके गुप्ता ने बताया कि रातभर डैम में लगातार पानी की आवक हो रही थी। इसे देखते हुए मंगलवार सुबह छह गेट खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल डैम में 231.8 मीटर पानी है, जबकि अधिकतम जलभराव स्तर 233 मीटर है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और डैम की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जलस्तर और पानी की आवक के अनुसार आगे आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।

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