तीजा-पोरा तिहार पर सजा मुख्यमंत्री निवास, छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की झलक ने मोहा मन

माताओं-बहनों के स्वागत में सजा मुख्यमंत्री निवास, फुगड़ी, रस्साकशी, झूले और लोक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
नवा रायपुर। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और मातृशक्ति के उल्लास का केंद्र बना। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की तर्ज पर सजाया गया था।
पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश की झलक से सजे परिसर में फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों जैसी गतिविधियों ने उत्सव का माहौल बना दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच महिलाओं ने उत्साहपूर्वक तीजा-पोरा की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा- आज मुख्यमंत्री निवास आप सभी का मायका
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर से पहुंचीं माताओं और बहनों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा के अवसर पर बेटियों और बहनों के मायके आने की सदियों पुरानी परंपरा है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बहनें उनके घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास उनके लिए मायके के समान है।
मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संबोधन पर कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
माटी, परिवार और खेती-किसानी से जुड़ा है तीजा-पोरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा-पोरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा हुआ उत्सव है। हरेली से शुरू होने वाली छत्तीसगढ़ की तीज-त्योहारों की श्रृंखला सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि लोक परंपराएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, जड़ों और संस्कारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
शिव-पार्वती की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की। उन्होंने प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा पर्व माता पार्वती की कठोर तपस्या, समर्पण और भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था की स्मृति से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें आज भी इस परंपरा को पूरी श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं।
प्रदेश की मातृशक्ति के सुख और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ के निरंतर विकास, शांति और खुशहाली के लिए भी प्रार्थना की।






