रायगढ़

चक्रवात और बेमौसम बारिश से रायगढ़ के किसानों की फसल बर्बाद, तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग – तारेंद्र डनसेना

Advertisement

रायगढ़। जिले में चक्रवाती प्रभाव और बेमौसम बारिश के साथ आई तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में पककर तैयार धान सहित अन्य फसलें बारिश और तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई हैं। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। इस स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता तारेंद्र डनसेना ने गहरी चिंता जताते हुए जिला प्रशासन से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

कटाई के समय प्राकृतिक आपदा ने बढ़ाई किसानों की परेशानी

तारेंद्र डनसेना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि रायगढ़ जिले के किसान पूरे साल कड़ी मेहनत और आर्थिक संसाधन लगाकर अपनी फसल तैयार करते हैं। ऐसे समय में जब धान की फसल पककर कटाई के लिए तैयार थी, चक्रवाती प्रभाव और बेमौसम बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि खेतों में तैयार फसल के बिछ जाने से किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। परिवार के भरण-पोषण, खेती में लगाए गए खर्च और कर्ज चुकाने की चिंता किसानों को परेशान कर रही है। ऐसे कठिन समय में शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए।

कांग्रेस ने प्रशासन के सामने रखीं पांच प्रमुख मांगें

डनसेना ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से तत्काल मैदानी स्तर पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए निम्नलिखित कदम उठाने की बात कही है।

1. संयुक्त जांच दल का गठन: राजस्व, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाए।

2. पारदर्शी एवं त्वरित सर्वे: ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक पहुंचकर फसल नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान सर्वे से वंचित न रहे।

3. उचित मुआवजा प्रदान किया जाए: किसानों की कुल फसल क्षति का आकलन कर शासन स्तर से पर्याप्त आर्थिक सहायता और मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाए।

4. फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र किसानों को उनकी क्षतिग्रस्त फसलों का बीमा क्लेम समय पर दिलाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से किसानों को परेशान न किया जाए।

5. ऋण वसूली पर तत्काल रोक: प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए बैंक ऋण और सहकारी समितियों के कर्ज की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

किसानों को राहत दिलाने के लिए कांग्रेस ने उठाई आवाज

तारेंद्र डनसेना ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत से ही समाज को अन्न मिलता है। प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होने की स्थिति में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। कांग्रेस पार्टी हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है।

उन्होंने जिला प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे शुरू कराने और किसानों को उचित मुआवजा एवं फसल बीमा का लाभ दिलाने की मांग की है। अब किसानों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है, ताकि उनकी महीनों की मेहनत बर्बाद होने के बाद कम से कम आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।

Advertisement
Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button