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Mahapalli Rath Yatra 2026 : रायगढ़ के महापल्ली में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा

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आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर तीनों विग्रह रथारूढ़, छेरा पहरा की परंपरा निभाई गई, ‘रथ छुआ’ संस्कार के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

रायगढ़। रायगढ़ जिले के पूर्वी अंचल स्थित सुसंस्कृत ग्राम महापल्ली में आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पारंपरिक रथयात्रा श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ निकाली गई। मंदिर निर्माण के बाद से हर वर्ष आयोजित होने वाली इस ऐतिहासिक रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

भक्ति संगीत के बीच रथ पर विराजमान हुए भगवान

Mahapalli Rath Yatra के दौरान तीनों विग्रहों को श्री मंदिर से जातरा मंडली महापल्ली द्वारा भव्य गायन-वादन के साथ रथ पर विराजमान कराया गया। पूरे गांव में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, पुष्पवर्षा और महिलाओं की पारंपरिक देवध्वनि (हुलहुली) से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

छेरा पहरा की परंपरा निभाई गई

भद्रकाली दरबार के पूजक अक्षय कुमार गुप्ता ने भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा का आकर्षक वस्त्राभूषण से श्रृंगार किया। इसके बाद ग्राम गौंटिया प्रमोद कुमार गुप्ता ने परंपरागत छेरा पहरा की रस्म विधिवत निभाई। मंदिर के पुजारी चंद्रकांत दास बैरागी, श्रीकांत दास बैरागी तथा सहयोगी सीताराम बैरागी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

‘रथ छुआ’ संस्कार के लिए पहुंचे नवजात शिशु

Mahapalli Rath Yatra का विशेष आकर्षण ग्रामीण परंपरा ‘रथ छुआ’ संस्कार रहा। बड़ी संख्या में परिवार अपने नवजात शिशुओं को पहली बार भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराने रथयात्रा में लेकर पहुंचे। ग्रामीण मान्यता के अनुसार यह बच्चों के जीवन का शुभ धार्मिक संस्कार माना जाता है।

मेले में उमड़ी लोगों की भीड़

रथयात्रा के साथ गांव में पारंपरिक मेले का भी आयोजन हुआ। विभिन्न दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही, जबकि बच्चों ने झूले और खरीदारी का भरपूर आनंद लिया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सहभागिता से पूरा महापल्ली गांव भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

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