Raigarh Crime News : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, महिला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा जेल

खुद को अविवाहित बताकर महिला को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, गहने गिरवी रखवाकर रुपये हड़पने की भी शिकायत
रायगढ़। जिले में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पति से अलग रह रही 35 वर्षीय महिला ने एक शादीशुदा युवक पर खुद को अविवाहित बताकर प्रेमजाल में फंसाने और शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद महिला थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
शादी का वादा कर बनाए संबंध
पुलिस के अनुसार, पीड़िता शहर की एक दुकान में सेल्स गर्ल के रूप में काम करती है। जनवरी 2025 में उसकी पहचान गोरखा निवासी सुल्तान खान (34 वर्ष) से हुई, जो अक्सर दुकान पर सामान लेने आता था। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई।
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने प्रेम का इजहार करते हुए उससे शादी करने का वादा किया। उसने आरोपी को बताया था कि वह पति से अलग रह रही है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने साथ निभाने और शादी करने का भरोसा दिया।
पीड़िता के अनुसार, 21 फरवरी 2025 को आरोपी उसके किराए के मकान पहुंचा और शादी का भरोसा देकर पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार उसका शोषण करता रहा।
गहने गिरवी रखवाकर 10 हजार रुपये लेने का आरोप
महिला ने शिकायत में बताया कि 18 अगस्त 2025 को आरोपी ने दबाव बनाकर उसके गहने मणप्पुरम फाइनेंस में गिरवी रखवाए। वहां से मिले करीब 10 हजार रुपये भी उसने अपने पास रख लिए।
बाद में महिला को जानकारी मिली कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं।
शादी से इनकार के बाद दी धमकी
पीड़िता ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को जब उसने आरोपी से शादी करने की बात कही तो वह मुकर गया और विवाद करते हुए उसे डराने-धमकाने लगा। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने अपना किराए का मकान भी बदल लिया और महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
जांजगीर-चांपा से आरोपी गिरफ्तार
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी ट्रेलर चालक है और फरार चल रहा है। मुखबिर की सूचना पर महिला थाना और खरसिया चौकी की संयुक्त टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बिर्रा में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।







