Mahasamund News: बागबाहरा में शिशु वाटिका स्मृति भवन का भूमिपूजन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी बोले– शिशु मंदिर केवल विद्यालय नहीं, चरित्र निर्माण की पाठशाला

महासमुंद। सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने शिशु वाटिका स्मृति भवन का भूमिपूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यगण, अभिभावक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अनुशासन और संस्कार ही मजबूत व्यक्तित्व की नींव : ओ.पी. चौधरी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जीवन में अनुशासन सबसे आवश्यक है। अनुशासन ही व्यक्ति को आगे बढ़ाता है। यदि शिक्षक स्वयं अनुशासित होता है, तो उसका प्रभाव विद्यार्थियों पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण की पाठशाला है। यहां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ संस्कार भी दिए जाते हैं। आज बच्चों में रोपे गए संस्कारों के बीज ही भविष्य में एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण में योगदान देंगे।
चुनौतियों से घबराएं नहीं, समाधान तलाशना सीखें
वित्त मंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य की परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में केवल अच्छे अंक हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जीवन की समस्याओं को समझना और उनका समाधान स्वयं खोजना भी सीखना चाहिए।
उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी समस्या को देखकर घबराने के बजाय उसका सामना करने का प्रयास करें। चुनौतियों से जूझने और समाधान तलाशने की क्षमता ही वास्तविक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र बनेगा नया भवन
ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिशु वाटिका का नया भवन बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ उनके संस्कार और रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने में सहायक बनेगा। यहां खेल-खेल में सीखने और बच्चों के बेहतर शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।






