छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नियम सख्त: टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान लाने पर शेष रकबा हो सकता है लैप्स

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी धान खरीदी सत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित और गड़बड़ी मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य शासन ने खरीदी प्रक्रिया के नियमों को सख्त करने की तैयारी की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की नई व्यवस्था के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुरूप ही धान लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचना होगा।
बताया गया है कि यदि कोई किसान टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचता है, तो बची हुई मात्रा के लिए संबंधित रकबे को अगले टोकन में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में शेष मात्रा से जुड़ा रकबा लैप्स यानी निरस्त हो सकता है। इसका असर यह होगा कि किसान को बची हुई मात्रा के लिए दोबारा टोकन कटवाने का अवसर नहीं मिलेगा।
किसानों को टोकन की मात्रा का रखना होगा ध्यान
नई व्यवस्था के तहत किसानों को धान बेचने से पहले टोकन में दर्ज मात्रा और उपलब्ध धान का सही आकलन करना जरूरी होगा। निर्धारित मात्रा से कम धान लेकर पहुंचने पर शेष मात्रा के लिए दोबारा खरीदी का अवसर नहीं मिलने की स्थिति किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।






