बस्तर की वनोपज और अनाज से बनी 20,700 वर्गफीट की विशाल रंगोली, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सम्मान में लालबाग मैदान में अनूठी कलाकृति तैयार, 15 से अधिक प्रकार की वनोपज और अनाज का किया गया इस्तेमाल
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा की अनूठी झलक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के दौरे के दौरान देखने को मिली। जगदलपुर के लालबाग मैदान में वनोपज और अनाज से 20,700 वर्गफीट क्षेत्र में विशाल रंगोली तैयार की गई। 15 से अधिक प्रकार की प्राकृतिक वनोपज और अनाज से बनाई गई इस कलाकृति को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से प्रमाणित किया गया। वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा तैयार इस रंगोली का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों ने अवलोकन किया।
वनोपज और अनाज से उकेरी गई बस्तर की सांस्कृतिक पहचान
लालबाग मैदान में बनाई गई इस विशाल रंगोली की सबसे खास बात इसमें इस्तेमाल की गई प्राकृतिक सामग्री रही। पारंपरिक रंगों के स्थान पर 15 से अधिक प्रकार की वनोपज और अनाज का उपयोग कर विभिन्न आकृतियां तैयार की गईं। इनके माध्यम से बस्तर के जंगलों, जनजातीय जीवन, स्थानीय परंपराओं और क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को दर्शाया गया।
इस कलाकृति में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सम्मानित स्वरूप को भी स्थान दिया गया। पूरी प्रस्तुति के जरिए बस्तर की सांस्कृतिक विरासत और यहां के लोगों के प्रकृति से गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया गया।
20,700 वर्गफीट में फैली कलाकृति को मिला प्रमाणन
विशाल क्षेत्रफल और प्राकृतिक संसाधनों के अनूठे उपयोग के कारण यह रंगोली आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनी। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से प्रमाणित किए जाने के बाद इस कलाकृति को विशेष पहचान मिली।






