छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट ने बिलासपुर प्रेस क्लब समेत, राज्य शासन,पंजीयक,सहायक पंजीयक से मांगा जवाब

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अपीलीय अधिकारी ने स्वीकार किया है कि फर्म एवं संस्थाएं बिलासपुर संभाग के सहायक पंजीयक द्बारा बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव को रद्द करने की अनुशंसा कानून के अनुकूल नहीं है

बिलासपुर प्रेस क्लब चुनाव विवाद: पक्षकारों से मांगा जवाब दो सप्ताह में देना होगा जवाब

बिलासपुर :- हाईकोर्ट ने राज्य शासन, प्रेस क्लब समेत अन्य को दिया दो स’ाह का समयबिलासपुर। हाईकोर्ट ने 19 सितंबर 2०25 को बिलासपुर पे्रस क्लब में कार्यकारिणी के लिए हुए चुनाव को रद्द करने के मामले में पेश याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन, पंजीयक, फर्म एंड सोसाइटी, सहायक पंजीयक के अलावा बिलासपुर प्रेस क्लब और शिकायतकर्ताओं को जवाब पेश करने के लिए दो स’ाह का समय दिया है।

याचिका के अनुसार बिलासपुर प्रेस क्लब का चुनाव 19 सितंबर 2०25 को विधिवत हुआ। इसमें दिलीप यादव अध्यक्ष, उपाध्यक्ष गोपी डे, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष लोकेश बाघमारे, सह सचिव रमेश राजपूत और कैलाश यादव कार्यकारिणी सदस्य निर्वाचित हुए थ्ो। इस चुनाव के खिलाफ पराजित उम्मीदवार अजीत मिश्रा, दिलीप अग्रवाल एवं अन्य ने फर्म एवं संस्थाएं बिलासपुर संभाग के सहायक पंजीयक बिलासपुर से शिकायत की।

सहायक पंजीयक ने बिना जांच किए 19 सितंबर 2०25 को हुए चुनाव को रद्द करने की अनुशंसा कर फाइल रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं रायपुर छत्तीसगढ़ को भ्ोज दी। रजिस्ट्रार ने सहायक पंजीयक के प्रतिवेदन के आधार पर 18 नवंबर 2०25 को चुनाव रद्द कर दिया और नया चुनाव कराने का आदेश जारी कर दिया। इसके छह दिन बाद 24 नवंबर 2०25 को फर्म एवं संस्थाएं रायपुर कार्यालय से बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष/सचिव को नोटिस जारी किया गया, जिसमें 15 दिनों के अंदर शिकायतकर्ताओं की शिकायत पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश थ्ो। इस बीच हटाए गए अध्यक्ष दिलीप यादव ने हाईकोर्ट में याचिका पेश कर दी थी।

हाईकोर्ट में याचिका लंबित रहते चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर दिलीप यादव ने 17 नवंबर 2०25 को अपीलीय अधिकारी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय रायपुर में अपील की। अपीलीय अधिकारी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 6 मार्च 2०26 को आदेश जारी किया, जिसमें अपीलीय अधिकारी ने स्वीकार किया है कि फर्म एवं संस्थाएं बिलासपुर संभाग के सहायक पंजीयक द्बारा बिलासपुर प्रेस क्लब के चुनाव को रद्द करने की अनुशंसा कानून के अनुकूल नहीं है।

फर्म एवं संस्थाएं रायपुर के रजिस्ट्रार ने छत्तीसगढ़ सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 की धारा 33 (ग) के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए बिलासपुर प्रेस क्लब का चुनाव रद्द किया है, यह धारा शासन पोषित संस्थाओं पर लागू होती है, जबकि बिलासपुर प्रेस क्लब निजी संस्था है। इस संस्था पर यह धारा लागू नहीं होती। इसके अलावा चुनाव रद्द करने से पहले रजिस्ट्रार ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया है। अपीलीय अधिकारी ने अपील अस्वीकार करने का आधारा अपीलार्थी द्बारा नए चुनाव में भाग लेने का बताया है।

अपीलार्थी दिलीप यादव ने हाईकोर्ट के वकील हेमंत गुप्ता के माध्यम से रजिस्ट्रार और अपीलीय अधिकारी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर सोमवार को जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी के कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में तर्क दिया गया है कि कानून के खिलाफ कोई रोक नहीं होती है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट के न्याय सिद्धांत संलग्न किए गए हैं। शासन की ओर से उप महाधिवक्ता शोभित मिश्रा, प्रतिवादी अजीत मिश्रा, दिलीप अग्रवाल, वीरेंद्र गहवई और बिलासपुर प्रेस क्लब की ओर से पूर्व महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत और वकील हर्षवर्धन अग्रवाल उपस्थित हुए थ्ो। जस्टिस चंद्रवंशी ने प्रतिवादियों को मामले में दो स’ाह के अंदर जवाब पेश करने का समय दिया है।

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