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रैरूमा युवक मौत मामला: दूसरी बार पोस्टमॉर्टम में भी आत्महत्या की पुष्टि, परिजन अब भी हत्या पर अड़े

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छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के रैरूमा गांव में युवक की मौत को लेकर उठे विवाद का आखिरकार दूसरा पोस्टमॉर्टम भी निष्कर्ष पर पहुंच गया है। परिजनों की मांग पर कब्र से शव निकालकर मेडिकल कॉलेज में की गई जांच में भी मौत को आत्महत्या ही बताया गया है।

मामला क्या है?

1 सितंबर की रात रैरूमा निवासी माइकल मिंज अपनी प्रेमिका के बुलाने पर घर से निकला था। लेकिन वह लौटकर वापस नहीं आया। अगले दिन उसका शव गांव के खेत के पास पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया और 3 सितंबर को अंतिम संस्कार कर दिया गया।

12 सितंबर को आई पहली पीएम रिपोर्ट में मौत को आत्महत्या बताया गया। हालांकि, परिजनों ने रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई और आरोप लगाया कि युवक के शरीर और आंखों पर चोट के निशान थे। इसको लेकर ग्रामीणों ने नयापारा चौक पर चक्काजाम भी किया।

कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम

ग्रामीणों और परिवार के दबाव के बाद प्रशासन ने शव को कब्र से निकालकर मेडिकल कॉलेज में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया। सोमवार को 6 डॉक्टरों की टीम ने जांच की और देर शाम आई रिपोर्ट में फिर से मौत को आत्महत्या ही करार दिया।

परिवार अब भी मान रहा हत्या

मृतक की बहन सरोजनी मिंज ने कहा कि भाई के शरीर पर चोट के निशान थे, इसलिए वह हत्या की आशंका को लेकर अडिग हैं। उनका आरोप है कि युवती के परिजनों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि “मेरे भाई को इंसाफ मिलना चाहिए और जो दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए।”

पुलिस का बयान

इस मामले में जांच अधिकारी SDOP सिद्धांत तिवारी ने साफ कहा है कि, दोनों पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की पुष्टि हुई है और अब तक हत्या से जुड़े कोई सबूत सामने नहीं आए हैं।

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