घरेलू विवाद में छोटी बहन की हत्या : रायगढ़ अदालत ने बड़ी बहन को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

रायगढ़। घरेलू विवाद के चलते अपनी ही छोटी बहन की हत्या करने वाली बड़ी बहन को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन की अदालत ने सुनाया।
मामला क्या है?
कोतरा रोड थाना अंतर्गत जिंदल रोड पतरापाली निवासी दिनदयाल महतो की तीन पुत्रियां थीं। बड़ी बेटी रेखा का विवाह हो चुका था जबकि अन्य दो बेटियां नेहा कुमारी महतो (20 वर्ष) और मृतका रंजिता कुमारी माता-पिता के साथ ही रहती थीं।
पुलिस के अनुसार मृतका रंजिता घर में सिलाई का काम करती थी जबकि आरोपिया नेहा घरेलू और रसोई का कार्य करती थी। अक्सर नेहा रंजिता से काम में सहयोग करने को कहती, लेकिन रंजिता टाल देती थी। इसी बात को लेकर दोनों बहनों के बीच विवाद और मारपीट होती रहती थी।
हत्या की रात
24 अप्रैल 2024 की रात करीब 9 बजे नेहा ने रंजिता से लौकी छीलने और खाना बनाने के लिए कहा। रंजिता ने इनकार कर दिया और ताने मारते हुए कमरे में जाकर सो गई। गुस्से में आकर नेहा ने पहले अपने पिता को शक्कर लाने के लिए बाहर भेजा और फिर रसोई में रखे लोहे के खलबट्टे से सो रही रंजिता के सिर पर वार कर दिया।
रंजिता की चीख सुनकर मां जाग न जाए, इस डर से नेहा ने उसके सिर पर एक और वार किया। इसके बाद उसने रंजिता को कंबल से ढक दिया, कमरे की लाइट बंद की और वहीं बैठ गई। बाद में मां के पूछने पर उसने झूठ बोला कि रंजिता खाना खाकर सो गई है।
अगली सुबह जब पिता ने बेटी को उठाने के लिए कमरे में प्रवेश किया, तो पता चला कि रंजिता की हत्या हो चुकी है।
जांच और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलने पर कोतरा रोड पुलिस ने मर्ग पंचनामा और जांच के बाद धारा 302 व 201 के तहत अपराध दर्ज किया। संदेह के आधार पर नेहा से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अदालत का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों के आधार पर नेहा कुमारी महतो को हत्या का दोषी सिद्ध किया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। इस प्रकरण में लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता ने पक्ष रखा।






