रायगढ़ में “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान को मिली बड़ी गति

निष्क्रिय खातों को सक्रिय कराने विशेष शिविर 19 नवंबर को
रायगढ़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में चलाए जा रहे “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” अभियान को रायगढ़ जिले में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की सक्रिय पहल तथा निरंतर समीक्षा के कारण यह राष्ट्रीय अभियान जिले में और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।
यह अभियान अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक जिले में व्यापक जागरूकता, निरंतर पहुंच और त्वरित कार्रवाई की रणनीति पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य उन नागरिकों तक उनकी बिना दावे वाली वित्तीय संपत्तियाँ पहुँचाना है, जो निष्क्रिय बैंक खाते, परिपक्व बीमा पॉलिसियाँ या भूली हुई म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में वर्षों से अटकी हुई हैं।
वित्तीय सेवा विभाग के निर्देश पर बैंक, बीमा कंपनियां और स्टॉक मार्केट से जुड़े संस्थान इस अभियान को रायगढ़ में भी सर्वोच्च प्राथमिकता से संचालित कर रहे हैं।
कलेक्टर कार्यालय में विशेष शिविर, 50 से अधिक सरकारी खाते सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ में विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें लीड बैंक मैनेजर कमल किशोर सिंह, ट्रेजरी ऑफिसर चंद्रपाल सिंह ठाकुर, एसबीआई के मुख्य प्रबंधक क्षितेश्वर पटेल, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक जय प्रकाश तिवारी सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
शिविर में 50 से अधिक सरकारी निष्क्रिय खातों के सक्रियण फॉर्म विभाग प्रमुखों को सौंपे गए, ताकि संबंधित राशि का त्वरित दावा सुनिश्चित हो सके।
19 नवंबर को अगला बड़ा शिविर – निष्क्रिय खातों को सक्रिय कराने का स्वर्णिम अवसर
14 नवंबर को आयोजित शिविर के बाद अगला विशेष शिविर 19 नवंबर 2025 को कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ में आयोजित किया जाएगा।
जिले के सभी विभागों, शासकीय संस्थानों और निजी खाताधारकों से अपील है कि वे अपने निष्क्रिय खातों, पॉलिसियों और वित्तीय दस्तावेजों का ब्यौरा लेकर अनिवार्य रूप से शिविर में उपस्थित हों।
10 साल निष्क्रिय रहने वाले खातों की राशि कैसे मिलेगी वापस?
आरबीआई नियमों के अनुसार 10 वर्षों तक निष्क्रिय रहने वाली राशि जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता निधि (DEAF) में स्थानांतरित कर दी जाती है।
खाताधारी या कानूनी उत्तराधिकारी KYC दस्तावेज जमा कर और दावा आवेदन भरकर इस राशि को फिर से अपने खाते में प्राप्त कर सकते हैं।
सरकारी संस्थानों के हजारों-लाखों की राशि DEAF में अटकी
रायगढ़ जिले में हजारों से लेकर लाखों तक की राशि इस निधि में दर्ज है। कई पुराने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, बीडीओ कार्यालयों, सीईओ कार्यालयों एवं योजनाओं के खाते पदकाल समाप्ति या परियोजनाओं के बंद होने के बाद निष्क्रिय रह गए थे। अब इन सभी खातों को सक्रिय करने के लिए अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है।
जागरूकता शिविर पूरे जिले में – अक्टूबर से दिसंबर तक विशेष प्रयास
जिले के सभी ब्लॉकों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, ताकि नागरिक और विभाग अपने पुराने निष्क्रिय खातों की पहचान कर सकें और लाखों रुपये की राशि सही हकदारों तक पहुँचाई जा सके।






