रायगढ़ जिले के देवी मंदिरों में नवरात्रि की तैयारियां पूरी

रायगढ़, 21 सितंबर 2025/ जिले के विभिन्न देवी मंदिरों में नवरात्रि पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहर के प्रसिद्ध बूढ़ी माई मंदिर और बंजारी माता मंदिर में आकर्षक सजावट की गई है। भक्तों को सुगम दर्शन एवं पूजा-अर्चना की सुविधा मिल सके, इसके लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बंजारी मंदिर में जलेंगे 4000 ज्योत
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष बंजारी माता मंदिर में 4 हजार से अधिक और बूढ़ी माई मंदिर में 1800 से अधिक मनोकामना ज्योति कलश जलाए जाएंगे। मंदिर समिति की ओर से कलश यात्रा भी आयोजित की जाएगी। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था मंदिर के सामुदायिक भवन में की गई है।
बंजारी मंदिर समिति के सदस्य पितरु मालाकार ने बताया कि नवरात्रि पर्व हर साल की तरह इस बार भी पूरी आस्था के साथ मनाया जाएगा। मनोकामना ज्योत जलाने के लिए श्रद्धालुओं को समिति से संपर्क करना होगा। तेल के ज्योत के लिए 701 रुपए और घर के ज्योत के लिए 1501 रुपए का रसीद कटवाना होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उनके ज्योत की सूची में क्रमवार नाम दर्ज होगा और समिति के सदस्य उन्हें ज्योत दिखाएंगे।
21 सितंबर को निकलेगी कलश यात्रा
नवरात्रि पर्व के पहले दिन 21 सितंबर को तराईमाल मंदिर से बंजारी माता मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। दर्शन के दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की अलग-अलग कतार होगी, जिससे भक्त आसानी से पूजा-अर्चना कर सकें।
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था
नवरात्रि के नौ दिनों में 20 से 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए मंदिर के सामुदायिक भवन में बिजली-पानी सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा बल की मांग की गई है। सुबह से लेकर रात तक पुलिस जवान मंदिर परिसर में तैनात रहेंगे। इसके अलावा समिति के सदस्य और CCTV कैमरे भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बूढ़ी माई मंदिर में 1800 ज्योत और आकर्षक सजावट
शहर के बूढ़ी माई मंदिर को आकर्षक झालरों और लाइटों से सजाया गया है। मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष राजू पांडे ने बताया कि मंदिर का रंग-रोगन और सजावट पूरी हो गई है। यहां 1800 से अधिक ज्योत जलाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए वाटरप्रूफ पंडाल भी बनाया जा रहा है, ताकि सभी आराम से माता के दर्शन कर सकें।






