किसानों की समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी का विरोध, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर में आम आदमी पार्टी (आप) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए आप कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की परेशानियों के त्वरित समाधान और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग की।
अंबेडकर चौक से शुरू हुआ धरना, पैदल मार्च कर पहुंचे कलेक्ट्रेट
गुरुवार 29 जनवरी को करीब 11:30 बजे आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी एवं सदस्य अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए। यहां किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ता अंबेडकर चौक से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे।
टोकन नहीं कटने और भौतिक सत्यापन के नाम पर अपमान का आरोप
कलेक्ट्रेट में सौंपे गए ज्ञापन में आप पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के हजारों किसानों के टोकन नहीं काटे जा रहे हैं, वहीं भौतिक सत्यापन के नाम पर किसानों का अपमान किया जा रहा है। इससे किसान मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
एग्रोस्टेक गड़बड़ी और सर्वर डाउन से किसानों को भारी नुकसान
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में एग्रोस्टेक प्रणाली में गड़बड़ी और सर्वर डाउन होने के कारण लाखों किसानों का रकबा काट दिया गया। इसके बाद किसानों पर दबाव बनाकर जबरन रकबा समर्पण करवाया जा रहा है, जिससे किसान असंतोष में हैं।
सीमित खरीदी से आधी फसल बेच पाने को मजबूर किसान
आप पार्टी ने बताया कि रोजाना खरीदी की लिमिट के कारण कई किसान अपनी आधी फसल ही बेच पाए हैं। जबकि किसानों ने फसल उत्पादन के लिए लाखों रुपये का कर्ज लिया है। धान नहीं बिकने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
कर्ज और संकट से टूटते किसान, आत्महत्या प्रयासों का दावा
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि धान नहीं बिकने और बढ़ते कर्ज के चलते प्रदेश के कई किसानों ने आत्महत्या का प्रयास तक किया है। इसे गंभीर सामाजिक संकट बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
धान खरीदी की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाने की मांग
आम आदमी पार्टी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि किसानों की सभी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और धान खरीदी की तिथि 28 फरवरी तक बढ़ाई जाए, ताकि हर किसान अपनी उपज बेच सके।
मांगें नहीं मानी गईं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
आप पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी और सरकार के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा।






