छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा बीजापुर छात्रावास कांड, स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर विपक्ष का वॉकआउट

नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने के मामले पर चर्चा की मांग, सरकार का जवाब आने के बाद सभापति ने प्रस्ताव ठुकराया; विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन का बहिष्कार किया
Raipur। छत्तीसगढ़ विधानसभा के सत्र में मंगलवार को Bijapur district, Chhattisgarh के एक सरकारी छात्रावास में नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे पर सदन की कार्यवाही स्थगित कर तत्काल चर्चा कराने की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन सभापति द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने पर विपक्ष के सभी सदस्य नाराज होकर सदन से वॉकआउट कर गए।
शून्यकाल में विपक्ष ने उठाया गंभीर मुद्दा
शून्यकाल के दौरान विपक्ष के 33 विधायकों ने इस विषय पर लिखित स्थगन प्रस्ताव की सूचना दी। नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant के साथ पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel, विधायक Umesh Patel और Vikram Mandavi समेत अन्य सदस्यों ने सदन को बताया कि बीजापुर के Gangaloor, Bijapur, Chhattisgarh में संचालित पोटा केबिन छात्रावास में तीन नाबालिग छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। सदस्यों ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के पोटा केबिन छात्रावासों में आदिवासी छात्राओं के शोषण की घटनाएं सामने आ रही हैं, इसलिए इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।
सरकार का जवाब, प्रस्ताव खारिज
इस मुद्दे पर आसंदी पर बैठे सभापति Dharamjeet Singh ने सरकार से जवाब मांगा। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav ने शासन की ओर से लिखित उत्तर सदन में प्रस्तुत किया।
सरकार का जवाब आने के बाद सभापति ने विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
नाराज विपक्ष का सदन से वॉकआउट
स्थगन प्रस्ताव खारिज होने से नाराज विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर वॉकआउट कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद विधानसभा में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।






