छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत होने को लोकतंत्र की परिपक्वता का उदाहरण बताया

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार करना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और संसदीय परंपराओं के प्रति आस्था का सशक्त उदाहरण है।
डॉ. सिंह ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि देश में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। उन्होंने सदन में सदस्यों द्वारा गंभीरता और विवेक के साथ विचार व्यक्त करने की सराहना की और कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति लोकतांत्रिक चेतना परिपक्व है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के संतुलित और गरिमामय ढंग से सदन को संबोधित करने की प्रशंसा करते हुए कहा कि अध्यक्ष पद की निष्पक्षता और संसदीय नियमों के प्रति प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी प्राचीन बौद्धिक और नैतिक परंपराओं में भी शासन व्यवस्था को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने का आदर्श निहित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत यह है कि विचारों में असहमति को भी सम्मान दिया जाता है और संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग खोजा जाता है।
डॉ. सिंह ने विश्वास जताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और मजबूत करेगी और लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श तथा संस्थागत गरिमा को नई ऊर्जा मिलेगी।






