
भाजपा के इतिहास और संगठन विस्तार पर पूर्व विधायक ने दिया विस्तृत मार्गदर्शन
रायगढ़ जिले के पुसौर में स्थित अभिनव स्कूल परिसर में भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के अंतर्गत मंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। उद्घाटन सत्र में ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की गई। इसके बाद भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्वलन कर वातावरण को राष्ट्रभावना से परिपूर्ण किया गया। वंदे मातरम और राजगीत के सामूहिक गायन ने कार्यक्रम को गरिमामय स्वरूप प्रदान किया।

उद्घाटन सत्र में संगठनात्मक एकता और अनुशासन का प्रभावशाली प्रदर्शन
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से संगठनात्मक एकजुटता और अनुशासन का परिचय दिया। प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न सत्रों के वक्ताओं का सम्मान पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन पर आधारित साहित्य भेंट कर किया गया। समापन अवसर पर स्मृति चिन्ह के रूप में उनका छायाचित्र प्रदान किया गया।

भाजपा के गठन और वैचारिक यात्रा पर पूर्व विधायक का विस्तृत संबोधन
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व विधायक ने भारतीय जनता पार्टी के इतिहास और विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पार्टी की वैचारिक जड़ें जनसंघ से जुड़ी हैं और 6 अप्रैल 1980 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यकर्ता अधिवेशन में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का गठन हुआ। उन्होंने कहा कि कमल चुनाव चिन्ह के साथ पार्टी ने राष्ट्रवाद और जनसेवा को आधार बनाकर अपनी राजनीतिक यात्रा प्रारंभ की।

राष्ट्रीय विकास और जनादेश की उपलब्धियों पर वक्ता का विशेष उल्लेख
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकास के कई महत्वपूर्ण आयाम स्थापित किए। आगे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2024 तक प्राप्त निरंतर जनादेश और संगठनात्मक विस्तार को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

सबका साथ सबका विकास के सिद्धांत पर आधारित विचार
वक्ताओं ने कहा कि पार्टी का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए संगठन निरंतर कार्य कर रहा है।

प्रशिक्षण शिविर में विविध विषयों पर सत्रों का आयोजन
शिविर में संगठन विस्तार, कार्य प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और संगठन की कार्यपद्धति पर भी अपने विचार रखे।
कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति और सफल मंच संचालन
कार्यक्रम का संचालन मंडल स्तर के पदाधिकारी द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे जिन्होंने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई और संगठनात्मक मार्गदर्शन प्राप्त किया।






