LPG संकट के बीच राहत की खबर: 94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर दो जहाज भारत पहुंच रहे, सरकार ने केरोसिन नियमों में दी ढील

नई दिल्ली/गुजरात। देश में संभावित LPG आपूर्ति दबाव की आशंकाओं के बीच राहत की बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 94,000 मीट्रिक टन LPG लेकर दो जहाज भारत के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनके आने से रसोई गैस आपूर्ति में सुधार और स्थानीय स्तर पर हो रही कमी की स्थिति में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इनमें से एक जहाज आज गुजरात के कच्छ जिले के Mundra Port पर पहुंचने की संभावना है, जबकि दूसरा जहाज अप्रैल में पहुंचेगा। इन दोनों जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था में Indian Navy को तैनात बताया जा रहा है।
सरकार की निगरानी में आपूर्ति व्यवस्था
इस पूरी स्थिति पर Ministry of Petroleum and Natural Gas (India) और संबंधित एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। सरकार का कहना है कि देश में LPG का कुल भंडार पर्याप्त है, और मौजूदा कदम केवल वितरण व्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए उठाए जा रहे हैं।
केरोसिन आपूर्ति नियमों में ढील
इसी बीच सरकार ने तेल-गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रविवार को केरोसिन से जुड़े नियमों में अस्थायी ढील देने का फैसला किया है। इसके तहत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले 60 दिनों तक हर जिले के दो पेट्रोल पंपों पर केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा।
जारी निर्देशों के अनुसार:
- पेट्रोल पंप सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा संचालित होंगे
- प्रत्येक पंप पर अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन का भंडारण किया जा सकेगा
- उपयोग केवल खाना पकाने और रोशनी के लिए ही सीमित रहेगा
- स्टॉक और वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा
- प्रशासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जा सकेगा
सरकार ने टैंकर संचालन और वितरण प्रक्रियाओं को भी आसान बनाने के साथ कुछ एजेंटों और डीलरों को लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं में अस्थायी छूट दी है।
कालाबाजारी पर कार्रवाई
वहीं विभिन्न शहरों में कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। भोपाल में खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों से 59 LPG सिलेंडर जब्त किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से छिपाकर रखा गया था।
स्थिति पर नजर
हालांकि कुछ स्थानों पर LPG सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर अस्थायी लाइनें और वितरण दबाव देखा जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और स्थिति जल्द स्थिर होने की उम्मीद है।






