भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए बड़ी राहत, सरकार देगी हर साल ₹10 हजार

रायपुर। रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत लाखों भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक संबल मिल रहा है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के भूमिहीन श्रमिक परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
4.95 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 4.95 लाख से अधिक पात्र परिवारों के लिए करीब 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये का प्रावधान किया है। प्रत्येक पात्र परिवार को हर वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 25 मार्च 2026 को बलौदाबाजार से हितग्राहियों के खातों में राशि अंतरित करेंगे।
बजट में बढ़ाया गया प्रावधान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के संकल्प बजट में इस योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पहले मिलने वाली 7,000 रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर अब 10,000 रुपये कर दिया गया है।
रायपुर जिले को सबसे ज्यादा लाभ
योजना के तहत जिलावार लाभार्थियों की संख्या—
- रायपुर: 53,338
- बिलासपुर: 39,401
- महासमुंद: 37,011
इन सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है।
पारंपरिक और श्रमिक वर्ग भी शामिल
योजना का दायरा केवल कृषि मजदूरों तक सीमित नहीं है। इसमें वनोपज संग्राहक, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी जैसे पारंपरिक कार्य से जुड़े भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं।
इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में बैगा, गुनिया, पुजारी और माँझी परिवारों को भी लाभ दिया जा रहा है।
‘अंत्योदय’ की सोच को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य भूमिहीन परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह पहल ‘अंत्योदय’ की भावना को साकार करती है, जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति को प्राथमिकता दी जाती है।






