रायगढ़ में भाजपा का प्रशिक्षण महाअभियान शुरू, राष्ट्रवाद और अनुशासन पर जोर

भारतीय जनता पार्टी के दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान की शुरुआत रायगढ़ में ध्वजारोहण के साथ हुई। रेड क्वीन में आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिला, जहां उन्होंने कतारबद्ध होकर पंजीयन कराया और प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया।
ध्वजारोहण और उद्घाटन सत्र के साथ शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे ध्वजारोहण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वंदे मातरम् के सामूहिक गायन और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर अभिषेक शुक्ला, प्रशांत सिंह ठाकुर और नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
भाजपा का इतिहास और अनुशासन पर विशेष जोर
प्रथम सत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश बेहरा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा के इतिहास और विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह है, जिसमें अनुशासन और जिम्मेदारी का पालन बेहद जरूरी है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘पंच परिवर्तन’ और ‘पंच निष्ठा’ के सिद्धांतों—राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य—के बारे में विस्तार से बताया।
वैचारिक अधिष्ठान पर हुआ मंथन
द्वितीय सत्र में बृजेश गुप्ता ने ‘वैचारिक अधिष्ठान’ विषय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके विचार, मूल्य, विश्वास और संस्कृति पर निर्भर करती है।
उन्होंने बताया कि व्यक्ति के निर्णय और व्यवहार पर विचारधारा, नैतिकता, अनुभव और सामाजिक परिवेश का गहरा प्रभाव पड़ता है।
सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा
भोजन के बाद तृतीय सत्र में संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जन धन योजना और स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण महाअभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, राष्ट्रवाद और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया गया। आयोजकों का कहना है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत बनाने और संगठन को और सशक्त करने का लक्ष्य है।






