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छत्तीसगढ़ में मवेशी तस्करी का बड़ा भंडाफोड़: लैलूंगा पुलिस ने 06 मवेशी मुक्त किए, आरोपी गिरफ्तार, मुख्य तस्कर फरार

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Raigarh, Chhattisgarh | 26 March 2026


“ऑपरेशन शंखनाद” के तहत तस्करी के जाल का पर्दाफाश — लैलूंगा पुलिस ने मवेशियों को मुक्त कर आरोपी को धर दबोचा

लैलूंगा पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में मवेशी तस्करी के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए 06 नग कृषक मवेशियों को मुक्त कराया। इस कार्रवाई में आरोपी समारू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मवेशियों को कुसु यादव के कहने पर उड़ीसा में बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। फरार मुख्य आरोपी कुसु यादव के खिलाफ भी नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।


अटल चौक लैलूंगा में घेराबंदी — 04 बैल और 02 बछड़े बरामद

पुलिस को 25 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि 06 बैल/बछड़े मारपीट और यातनापूर्ण तरीके से, बिना चारा-पानी के ग्राम कुंजारा से लैलूंगा होते हुए उड़ीसा ले जाए जा रहे हैं। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने हमराह स्टाफ और गवाहों के साथ अटल चौक लैलूंगा पर घेराबंदी कर जांच की। इस दौरान 04 बैल और 02 बछड़े के साथ आरोपी को धर दबोचा गया।


आरोपी की पहचान और जब्ती — मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित

संदिग्ध की पहचान समारू यादव (उम्र 49 वर्ष, निवासी भुईयापानी, थाना लैलूंगा) के रूप में हुई। उसने स्वीकार किया कि मवेशियों को कुसु यादव (सिहारधार, थाना लैलूंगा) के कहने पर उड़ीसा में बिक्री हेतु ले जा रहा था। आरोपी के कब्जे से 06 नग कृषक मवेशी (मूल्य लगभग ₹53,000) और एक लकड़ी का डंडा बरामद किया गया। मवेशियों को चारा-पानी उपलब्ध कराते हुए सुरक्षित रूप से गौशाला में सुपुर्द किया गया।


कानूनी कार्रवाई — छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज

थाना लैलूंगा में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 100/2026 दर्ज किया गया। मामला छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।


पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका और वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक रामप्रसाद चौहान और आरक्षक चमरसाय भगत की सक्रिय भागीदारी रही।


एसएसपी का सख्त संदेश — मवेशी तस्करी और पशु क्रूरता पर कार्रवाई जारी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि “गौवंश की तस्करी करना बंद करें। ऑपरेशन शंखनाद के तहत मवेशी तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

 

 

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