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देश में एलपीजी सप्लाई पर सरकार का बड़ा बयान, 2 महीने का ईंधन भंडार सुरक्षित

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नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों से एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति को लेकर सामने आ रही परेशानियों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंत्रालय ने कहा है कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और एलपीजी-एलएनजी की आपूर्ति लगातार सुचारू रूप से जारी है।


अगले दो महीनों के लिए ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित: मंत्रालय

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश में अगले दो महीनों के लिए ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में सप्लाई चेन प्रभावित नहीं हुई है।


रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कर रहीं उत्पादन

अधिकारियों के अनुसार देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता और कुछ मामलों में उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। इसके चलते घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि स्थिति को संतुलित तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है।


घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता, वाणिज्यिक आपूर्ति में बदलाव

एलपीजी आयात पर निर्भरता को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इस दौरान वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर लगभग 70 प्रतिशत तक बहाल कर दिया गया है। इससे घरेलू जरूरतों की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकी है।


प्रवासी श्रमिकों और उद्योगों को भी राहत

सुजाता शर्मा ने बताया कि 14 मार्च से अब तक लगभग 30,000 टन व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। इसमें होटल, रेस्तरां, कैंटीन के साथ-साथ इस्पात, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और रसायन जैसे उद्योगों को भी प्राथमिकता दी गई है।

इसके अलावा प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर भी वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी हो सकें।


सरकार का दावा: आपूर्ति श्रृंखला स्थिर

मंत्रालय ने कहा कि इन सभी कदमों के कारण देश में ईंधन आपूर्ति श्रृंखला स्थिर बनी हुई है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। सरकार ने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक खरीदारी से बचें।

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