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मैसेजिंग ऐप्स पर सख्त नियमों की डेडलाइन बढ़ी: सिम बाइंडिंग अब 1 जनवरी 2027 से लागू होगी

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केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप्स पर प्रस्तावित सख्त ‘सिम बाइंडिंग’ नियमों की डेडलाइन बढ़ा दी है। अब यह नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। पहले इन्हें जल्द लागू करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी चुनौतियों और उद्योग जगत की मांग को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है।


क्या है सिम बाइंडिंग नियम

नए नियमों के तहत WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स को मोबाइल के फिजिकल सिम कार्ड से जोड़ना अनिवार्य होगा।

यानी अगर फोन में सक्रिय सिम नहीं होगा, तो ये ऐप्स काम नहीं करेंगे।


वेब वर्जन पर भी पड़ेगा असर

नए नियम लागू होने के बाद कंप्यूटर और लैपटॉप पर इस्तेमाल होने वाला WhatsApp Web भी प्रभावित होगा। सुरक्षा कारणों से यूजर्स को हर 6 घंटे में ऑटोमैटिक लॉगआउट कर दोबारा लॉगिन करना होगा।


सरकार का तर्क: साइबर फ्रॉड पर लगेगी रोक

सरकार का कहना है कि सिम बाइंडिंग से साइबर अपराधों पर रोक लगेगी। इससे किसी भी व्यक्ति के मोबाइल नंबर का गलत इस्तेमाल दूसरे डिवाइस से नहीं किया जा सकेगा।

यह सिस्टम यूजर के अकाउंट को सीधे उसके फिजिकल सिम से लिंक कर देगा।


इंडस्ट्री ने जताई चिंता

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) ने इन नियमों पर चिंता जताई है।
उनका कहना है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट का नियम प्रोफेशनल यूजर्स के लिए असुविधाजनक होगा और मल्टी-डिवाइस उपयोग प्रभावित होगा।


कंपनियों को 120 दिन में रिपोर्ट देनी होगी

सरकार ने निर्देश दिया है कि संबंधित कंपनियों को 120 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।
नियमों का पालन नहीं करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 और साइबर सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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