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दिमाग की सेहत पर बड़ा खुलासा: नींद, तनाव और शुगर से तेजी से कमजोर हो सकता है ब्रेन, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके

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दिमाग को स्वस्थ और तेज बनाए रखने के लिए सिर्फ शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतें भी बेहद अहम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खराब नींद, लगातार तनाव और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर दिमाग की कार्यक्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं और समय से पहले ब्रेन एजिंग की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं।


नींद की कमी से सिकुड़ सकता है दिमाग

विशेषज्ञों के अनुसार खराब नींद से दिमाग के ग्रे मैटर की मात्रा कम हो सकती है और हिप्पोकैम्पस प्रभावित हो सकता है, जो याददाश्त के लिए जिम्मेदार होता है। नींद की कमी से दिमाग में जमा होने वाले विषैले तत्व जैसे बीटा-एमाइलॉयड भी ठीक से साफ नहीं हो पाते, जिससे मेमोरी और फोकस कमजोर हो सकता है।


लगातार तनाव बन रहा बड़ा खतरा

क्रॉनिक स्ट्रेस के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो दिमाग के हिप्पोकैम्पस और प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स पर असर डालता है। इससे निर्णय लेने की क्षमता, ध्यान केंद्रित करने की शक्ति और मानसिक संतुलन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


हाई ब्लड शुगर से बढ़ता दिमागी जोखिम

डॉक्टरों के अनुसार लगातार हाई ब्लड शुगर दिमाग के वॉल्यूम को घटा सकता है और छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो सोचने-समझने की क्षमता को समय से पहले प्रभावित कर सकता है।


दिमाग को मजबूत बनाते हैं ये पोषक तत्व

विशेषज्ञों के अनुसार Omega-3 fatty acids दिमाग की कोशिकाओं की झिल्ली को मजबूत बनाकर सूजन कम करने में मदद करते हैं, जिससे याददाश्त बेहतर होती है।

वहीं Creatine दिमाग के एनर्जी मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है और मानसिक थकान व तनाव के दौरान भी दिमागी कार्यक्षमता को बनाए रखने में मदद करता है।


डॉक्टरों की सलाह: आदतें बदलना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी नींद, तनाव नियंत्रण और संतुलित आहार अपनाकर दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

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