छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों के नंबर वाले वाहनों पर सख्ती, 12 माह से अधिक रहने पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

जशपुर। छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग ने राज्य में लंबे समय से अन्य राज्यों के पंजीयन चिन्ह वाले वाहनों के संचालन पर सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई वाहन 12 माह से अधिक समय तक किसी राज्य में रखा या संचालित किया जाता है, तो उस राज्य का पंजीयन चिन्ह लेना अनिवार्य है।
कानून के तहत अनिवार्य नियम
केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 47 के अनुसार, यदि कोई वाहन एक राज्य में 12 माह से अधिक रहता है, तो उसे संबंधित राज्य में पुनः पंजीयन कराना आवश्यक होता है। इसी आधार पर राज्य में कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अन्य राज्यों के नंबर पर चल रहे वाहन
विभाग के अनुसार कई वाहन स्वामी झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों से पंजीयन कराकर छत्तीसगढ़ में वाहन संचालित कर रहे हैं। जबकि इन वाहनों का स्थायी पता छत्तीसगढ़ में ही है और वे 12 माह से अधिक समय से राज्य में उपयोग हो रहे हैं।
राजस्व हानि का भी मामला
परिवहन विभाग ने बताया कि ऐसे मामलों से राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है, क्योंकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्थानीय पंजीयन शुल्क और कर का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
एनओसी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अनिवार्य
विभाग ने सभी संबंधित वाहन स्वामियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित राज्य से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर जिला परिवहन कार्यालय, जिला परिवहन कार्यालय जशपुर में प्रस्तुत करें। इसके आधार पर वाहनों का छत्तीसगढ़ में नया पंजीयन चिन्ह जारी किया जाएगा।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर मोटरयान अधिनियम 1988 एवं नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।






