केरल में मॉब लिंचिंग में छत्तीसगढ़ के युवक की मौत, परिजनों ने मुआवजा राशि जारी करने की मांग की

सक्ती/जैजैपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जैजैपुर तहसील अंतर्गत ग्राम करही निवासी रामनारायण बघेल की केरल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या मॉब लिंचिंग के दौरान की गई, जिसमें उसे बांग्लादेशी समझकर भीड़ ने पीटा।
केरल में सामने आया मामला
यह घटना केरल के वायनाड/वालेयर थाना क्षेत्र अट्टापलम के पास की बताई जा रही है। सूचना के अनुसार मृतक रोजी-रोटी के लिए बाहर काम करने गया था। घटना के बाद केरल पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद परिजन वहां पहुंचे और पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।
पोस्टमार्टम और वीडियो से हुआ खुलासा
त्रिसूर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला, जिसमें मृतक को भीड़ द्वारा बुरी तरह पीटते हुए देखा गया। इसी आधार पर परिजनों का कहना है कि यह साफ तौर पर मॉब लिंचिंग का मामला है।
परिवार और संगठनों ने उठाई मांग
मृतक की पत्नी ललिता बघेल और दोनों बच्चे केरल पहुंचे। इसके साथ ही मृतक के चचेरे भाई शशिकांत बघेल और स्थानीय सहयोगियों ने एक्शन काउंसिल कमेटी केरल व अन्य संगठनों के माध्यम से सरकार से दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मुआवजे की मांग की।
सरकारी आश्वासन और मुआवजा
परिजनों के अनुसार केरल सरकार ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया था और एक माह के भीतर राशि जारी करने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अभी तक राशि खाते में नहीं पहुंची है।
चार महीने बाद भी मुआवजा लंबित
परिवार का कहना है कि घटना को चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन घोषित 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिली है। परिजनों ने सरकार से जल्द से जल्द राशि जारी करने की मांग की है।
सहयोग के लिए जताया आभार
शशिकांत बघेल ने कहा कि इस कठिन समय में केरल सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार, स्थानीय प्रशासन, पत्रकारों, ग्रामवासियों और सामाजिक संगठनों ने परिवार का सहयोग किया, जिसके लिए वे आभारी हैं।
न्याय और मुआवजे की मांग जारी
परिवार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक न्याय और मुआवजा नहीं मिलता, वे आगे भी अपनी मांग जारी रखेंगे।






